अवसर और परंपरा का संगम बना अयोध्या में आयोजित यूपी रीजनल ट्रेड शो

The UP Regional Trade Show in Ayodhya became a confluence of opportunity and tradition.
 
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(अयोध्या/लखनऊ डेस्क – प्रत्यूष पाण्डेय)
उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर आयोजित “उत्तर प्रदेश रीजनल ट्रेड शो (UPRTS)” उद्यमिता, परंपरा और प्रगति का अनूठा संगम बन गया है। उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग और फिक्की (FICCI) के संयुक्त तत्वावधान में महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय, अयोध्या में जारी इस तीन दिवसीय व्यापार प्रदर्शनी के दूसरे दिन ज्ञान, अनुभव और नेटवर्किंग का शानदार आदान-प्रदान देखने को मिला।

शनिवार को आयोजित विभिन्न तकनीकी सत्रों में सरकारी योजनाओं के लाभ, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) क्षेत्र के सशक्तिकरण, और पारंपरिक उद्योगों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम ने राज्य के उद्यमियों को बाजार, ज्ञान और नीति समर्थन से जोड़ने का सशक्त मंच प्रदान किया।

पहले सत्र का विषय था — “उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होना”।इस सत्र के मुख्य वक्ता श्री उमेश चंद्रा, संयुक्त आयुक्त (उद्योग), उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की उद्यम प्रोत्साहन नीतियों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों को आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।
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दोपहर के सत्र में “रीजनल ट्रेड शो और बायर-सेलर मीट्स के माध्यम से एमएसएमई और उद्यमियों का सशक्तिकरण” विषय पर डॉ. आनंद कुमार दुबे, चीफ प्रॉक्टर, महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन व्यापार विस्तार, साझेदारी और नवाचार को प्रोत्साहित करते हैं।
तीसरे सत्र में “व्यापार विकास और सांस्कृतिक प्रचार के लिए मार्केटिंग मेलों का लाभ उठाना – उत्तर प्रदेश सरकार की ओडीओपी पहल” पर डॉ. जया सिंह, सहायक प्रोफेसर, ने कहा कि “एक जिला एक उत्पाद (ODOP)” योजना न केवल स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दे रही है, बल्कि पारंपरिक कला और शिल्प को भी नई पहचान दिला रही है।
दिन का अंतिम सत्र था “परंपरा का पुनरुद्धार, विकास की ओर: भारत के आर्थिक परिवर्तन में एमएसएमई और खादी ग्रामोद्योग की भूमिका”।
इस सत्र में डॉ. राम लखन सिंह और डॉ. ऋषि राज, सहायक प्रोफेसर (अर्थशास्त्र), ने बताया कि पारंपरिक उद्योग, विशेष रूप से खादी और ग्रामोद्योग, ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
ट्रेड शो का दूसरा दिन विचार-विमर्श, अनुभव-साझा और नीति संवाद का मंच बना रहा। वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियाँ, ओडीओपी पहल और सरकारी-निजी सहयोग राज्य की औद्योगिक प्रगति को नई ऊँचाइयों की ओर ले जा रहे हैं।
17 से 19 अक्टूबर तक चलने वाला यह रीजनल ट्रेड शो न केवल व्यापारिक अवसरों का उत्सव है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की समृद्ध परंपरा और नवाचार की भावना का भी जीवंत प्रतीक बन चुका है।

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