UP RTE: वेबसाइट ठप होने से प्रवेश प्रक्रिया अधर में, अभिभावक और स्कूल दोनों बेहाल
वेबसाइट का 'होम पेज' बना सिरदर्द
शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए लॉटरी प्रक्रिया के बाद से ही आरटीई की वेबसाइट (rte25.upsdc.gov.in) पूरी तरह कार्य नहीं कर रही है। पोर्टल पर केवल होम पेज खुलता है, लेकिन जैसे ही लाभार्थी का विवरण या अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड करने का प्रयास किया जाता है, स्क्रीन पर केवल "साइट थोड़ी देर में खुलेगी" का संदेश दिखाई देता है। महीनों बीत जाने के बाद भी इस तकनीकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
अधूरी जानकारी और प्रवेश का संकट
आरटीई के नियमों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। लेकिन वेबसाइट न चलने के कारण:
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अभिभावकों के पास अधूरा डेटा: अभिभावक जो प्रिंटआउट लेकर स्कूलों में पहुंच रहे हैं, उनमें जानकारी अस्पष्ट है।
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स्कूलों की दुविधा: निजी विद्यालयों को विभाग की ओर से न तो ईमेल पर सूची मिली है और न ही वे वेबसाइट पर बच्चों के दस्तावेजों (जैसे आय, निवास और आयु प्रमाण-पत्र) का सत्यापन कर पा रहे हैं।
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अपात्रों का डर: स्कूलों का तर्क है कि बिना ऑनलाइन वेरिफिकेशन और पोर्टल पर नाम देखे, केवल प्रिंटआउट के आधार पर प्रवेश देना जोखिम भरा है, क्योंकि विभाग अक्सर बिना उचित सत्यापन के अपात्र बच्चों के नाम भी लॉटरी में डाल देता है।
विभाग का अडियल रुख और पल्ला झाड़ने की कोशिश
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ वेबसाइट बंद है, वहीं दूसरी ओर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों पर बिना सत्यापन के प्रवेश लेने का दबाव बना रहे हैं।
इस अव्यवस्था पर जब बीएसए लखनऊ के स्टेनो मुकेश कुमार गौतम से बात की गई, तो उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि साइट ठीक करना विभाग का नहीं बल्कि एनआईसी (NIC) का काम है।
पात्र बच्चों के भविष्य पर संकट
विभागीय लापरवाही का खामियाजा उन पात्र बच्चों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें वास्तव में इस योजना की जरूरत है। वेबसाइट न खुलने से अभिभावक स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। यदि समय रहते पोर्टल को दुरुस्त नहीं किया गया, तो हजारों बच्चों का शैक्षणिक सत्र बर्बाद हो सकता है।

