UP School Safety: बाढ़ आपदा से निपटने के लिए लखनऊ मण्डल के स्कूलों में दिए जाएंगे सुरक्षा टिप्स; जेडी कार्यालय ने जारी किए कड़े निर्देश

UP School Safety: Schools in the Lucknow division to receive safety tips for dealing with flood disasters; Joint Director's office issues strict directives.
 
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शिक्षा डेस्क, लखनऊ (15 जून 2026):

उत्तर प्रदेश में मानसून और भारी बारिश के कारण पैदा होने वाली बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए योगी सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने एक बड़ी मुहिम शुरू की है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कार्यालय से प्राप्त विस्तृत गाइडलाइंस के बाद, अब लखनऊ मण्डल के सभी माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बाढ़ से बचाव के गुर सिखाए जाएंगे।

इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से समाज के एक बड़े जनसमूह को बाढ़ आपदा के प्रति जागरूक और सतर्क करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

बाढ़ प्रभावित जिलों की श्रेणी में है पूरा लखनऊ मण्डल

संयुक्त शिक्षा निदेशक (JD) लखनऊ मण्डल कार्यालय के मण्डलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने इस रणनीतिक अभियान की जानकारी देते हुए बताया:

"शासन स्तर से लखनऊ मण्डल के सभी जनपदों को बाढ़ से प्रभावित होने वाले संवेदनशील जिलों की श्रेणी में रखा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए माध्यमिक विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों को 'बाढ़ से पूर्व, बाढ़ के दौरान और बाढ़ के पश्चात' बरती जाने वाली सावधानियों के विषयक व्यावहारिक टिप्स दिए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं।"

विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए जारी मुख्य 'सुरक्षा टिप्स' (Do's & Don'ts):

विद्यालयों के माध्यम से हर छात्र-छात्रा और उनके परिवार तक निम्नलिखित 9 प्रमुख जीवनरक्षक जानकारियां पहुंचाई जाएंगी:

  1. शरण स्थलों की जानकारी: अपने क्षेत्र के सबसे निकटतम और प्रशासन द्वारा चिन्हित बाढ़ शरण स्थलों (Flood Shelters) की पूरी जानकारी पहले से रखें।

  2. पानी से दूरी: बच्चे बाढ़ के जमा पानी या तेज बहाव वाले जलस्रोतों के पास बिल्कुल न जाएं और न ही वहाँ खेलें।

  3. इमरजेंसी किट: हर परिवार अपने पास एक 'आपातकालीन किट' हमेशा तैयार रखे, जिसमें एक चालू रेडियो, टॉर्च, अतिरिक्त बैटरियां, पीने का साफ पानी, सूखा भोजन, मिट्टी का तेल, मोमबत्ती और माचिस सुरक्षित रखी हो।

  4. खान-पान में सावधानी: महामारी से बचने के लिए हमेशा उबला हुआ पानी ही पिएं और सुपाच्य व हल्का भोजन लें।

  5. दूषित भोजन से बचाव: बाढ़ के पानी से प्रभावित या भीग चुके किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन भूलकर भी न करें।

  6. भोजन को ढकें: घर में उपलब्ध भोजन और अन्य खाद्य सामग्रियों को हमेशा पूरी तरह ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें।

  7. बिजली से खतरा: बाढ़ का पानी घर में प्रवेश करते ही मुख्य बिजली आपूर्ति (Main Switch) को तुरंत बंद कर दें। पानी से भीगे हुए किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या बोर्ड का उपयोग न करें।

  8. जहरीले जीवों से सतर्कता: जलभराव के दौरान सुरक्षित स्थानों की तलाश में निकलने वाले सांप और अन्य विषधर प्राणियों से हमेशा सचेत रहें।

  9. वैकल्पिक स्कूल व्यवस्था: बाढ़ के समय यदि कोई विद्यालय जलमग्न होता है, तो वहां के बच्चों को जिला प्रशासन द्वारा नजदीकी बाढ़ शरणालयों में संचालित किए जा रहे अस्थाई विद्यालयों में तुरंत शिफ्ट किया जाएगा।

बंद स्कूलों के शिक्षकों की लगेगी बाढ़ राहत में ड्यूटी

दिशानिर्देशों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। बाढ़ आपदा के कारण जो माध्यमिक विद्यालय संचालित नहीं हो पाएंगे, वहां के शिक्षण स्टाफ (Teachers & Staff) को खाली नहीं बैठाया जाएगा। जिला प्रशासन के समन्वय से उनकी ड्यूटी निकटतम बाढ़ शरणालयों और अन्य बाढ़ राहत आश्रय स्थलों में जनसेवा और प्रबंधन कार्यों के लिए लगाई जाएगी।

सभी DIOS को कड़ाई से अनुपालन के निर्देश

संयुक्त शिक्षा निदेशक (लखनऊ मण्डल) डॉ. प्रदीप कुमार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मण्डल के सभी छह जिलों— लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, उन्नाव और रायबरेली के जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले समस्त सरकारी, एडेड और निजी माध्यमिक विद्यालयों में इन सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें।

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