UP Session in Bharat Tex 2026 New Delhi: टेक्सटाइल हब बनने की ओर उत्तर प्रदेश; PM मित्र पार्क और 5F विजन से तैयार हो रहा ग्लोबल इकोसिस्टम
UP Session in Bharat Tex 2026 New Delhi: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल देश का सांस्कृतिक केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत का सबसे आकर्षक और पसंदीदा टेक्सटाइल निवेश गंतव्य (Textile Investment Destination) बनकर उभर रहा है। नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित प्रगतिशील परिसर 'भारत मंडपम' में आयोजित वैश्विक कपड़ा महाकुंभ 'भारत टेक्स-2026' में उत्तर प्रदेश सत्र का शानदार आयोजन किया गया।
इस विशेष सत्र का औपचारिक शुभारंभ उत्तर प्रदेश के हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेशान सचान और स्टांप, शुल्क एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यह सत्र वैश्विक और राष्ट्रीय निवेशकों के सामने यूपी की बदलती औद्योगिक अवसंरचना और पारदर्शी नीतियों को प्रदर्शित करने का एक बड़ा माध्यम बना।
प्रधानमंत्री मोदी के '5F विजन' को गति दे रही योगी सरकार
सत्र को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सदियों से समृद्ध हथकरघा परंपरा और शिल्प कौशल का वैश्विक केंद्र रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5F विजन (Farm to Fiber, Fiber to Factory, Factory to Fashion, Fashion to Foreign) को आत्मसात कर यूपी सरकार टेक्सटाइल सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।
वस्त्रोद्योग मंत्री ने यूपी की ताकत और बुनकर कल्याण की बड़ी बातें रेखांकित कीं:
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बुनकरों की वैश्विक धमक: उत्तर प्रदेश में लगभग 1.91 लाख हथकरघा बुनकर अपनी अनूठी कला से दुनिया भर में राज्य का मान बढ़ा रहे हैं। बनारस की सिल्क साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी, भदोही व मिर्जापुर के हस्तनिर्मित कालीन, सीतापुर की दरी और मेरठ-बागपत के होम टेक्सटाइल उत्पाद वैश्विक बाजार में ब्रांड यूपी की पहचान बन चुके हैं।
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टेक्सटाइल और गारमेंटिंग नीति-2022: इस आधुनिक नीति के तहत राज्य में निवेश करने वाले उद्यमियों को बेहद आकर्षक और ऐतिहासिक प्रोत्साहन (Subsidies) दिए जा रहे हैं।
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बुनकर सशक्तिकरण: सरकार बुनकरों को बिजली बिल पर भारी सब्सिडी दे रही है। साथ ही, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिल्पकारों को 'संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार' और भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (IIHT), वाराणसी के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है।
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पीएम मित्र पार्क (PM Mitra Park): प्रदेश में स्थापित हो रहा मेगा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क कपड़ा उद्योग को एक विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स और विनिर्माण इकोसिस्टम प्रदान करेगा।
सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक नीतियों का संगम
इस अवसर पर राज्यमंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पारंपरिक वस्त्र विरासत आज योगी सरकार की मजबूत औद्योगिक और पारदर्शी नीतियों के साथ मिलकर नई ऊंचाइयों को छू रही है। हमारी सरकार बनारसी सिल्क और लखनऊ की चिकनकारी जैसी सांस्कृतिक व आर्थिक शक्तियों को सीधे वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने का काम कर रही है।
नीतियों और निवेश का हुआ विस्तृत प्रस्तुतीकरण:
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सत्र के प्रारंभ में आयुक्त एवं निदेशक (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग) के. विजयेंद्र पांडियन ने सभी वैश्विक आतिथियों का स्वागत किया और यूपी की निवेश संभावनाओं पर आधारित एक प्रभावशाली लघु फिल्म का प्रदर्शन किया।
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'इन्वेस्ट यूपी' की अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) प्रेरणा शर्मा ने निवेशकों को दी जाने वाली प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस पर एक विस्तृत प्रेजंटेशन दिया।
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प्रमुख सचिव (हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग) अनिल कुमार सागर ने उद्योगों के प्रति सरकार की जीरो-टोलरेंस और समयबद्ध प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।
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जाने-माने उद्योगपति ललित ठकराल और रजत जयपुरिया ने भी मंच से उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने के अपने बेहद सकारात्मक और सुगम अनुभवों को साझा किया।
ऑन-द-स्पॉट मिला 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' और वित्तीय सहायता
योगी सरकार केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर काम करने में विश्वास रखती है, इसका सीधा प्रमाण इस सत्र के दौरान देखने को मिला। कार्यक्रम में टेक्सटाइल एवं गारमेंटिंग नीति-2022 के तहत स्थापित चार बड़ी औद्योगिक इकाइयों को 'लेटर ऑफ कम्फर्ट' (Letter of Comfort) सौंपे गए। इसके साथ ही, चार अन्य तैयार इकाइयों को वित्तीय प्रोत्साहन राशि के चेक भी वितरित किए गए, जिससे निवेशकों में सरकार के प्रति भरोसा और मजबूत हुआ।
भारत मंडपम में 'उत्तर प्रदेश पवेलियन' का आकर्षण
भारत मंडपम के हॉल नंबर-11 में एक भव्य उत्तर प्रदेश पवेलियन (UP Pavillion) स्थापित किया गया है। इस पवेलियन में राज्य के ओडीओपी (ODOP) कपड़ा उत्पादों, आधुनिक गारमेंट्स, पीएम मित्र पार्क के ब्लूप्रिंट और निवेशकों को दी जाने वाली सुविधाओं का जीवंत प्रदर्शन किया गया है, जो विदेशी बायर्स और भारतीय निवेशकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश सरकार की स्पष्ट और पारदर्शी औद्योगिक नीतियों का ही नतीजा है कि आज राज्य केवल एक पारंपरिक हस्तशिल्प केंद्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारत के विनिर्माण, निर्यात और नए रोजगार सृजन का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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