यूपी बनेगा ग्लोबल फूड डेस्टिनेशन: 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजीन' से चमकेगी 18 मंडलों की खाद्य अर्थव्यवस्था

योगी सरकार की नई पहल: आगरा के पेठे से लेकर गोरखपुर के लिट्टी-चोखा तक, हर जिले के पारंपरिक स्वाद को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार और आधुनिक ब्रांडिंग।
 
यूपी बनेगा ग्लोबल फूड डेस्टिनेशन: 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजीन' से चमकेगी 18 मंडलों की खाद्य अर्थव्यवस्था
लखनऊ | 05 जनवरी, 2026 उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत अब थाली के जरिए प्रदेश की आर्थिक तरक्की का रास्ता साफ करेगी। योगी सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन क्यूजीन' (ODOC) पहल के तहत प्रदेश के सभी 18 मंडलों को 'क्यूजीन क्लस्टर' के रूप में विकसित करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य स्थानीय व्यंजनों को संगठित पहचान दिलाना, रोजगार पैदा करना और उत्तर प्रदेश को एक 'फूड टूरिज्म स्टेट' के रूप में स्थापित करना है।

हर मंडल बनेगा 'जायके का केंद्र'

प्रस्तावित क्यूजीन क्लस्टर मॉडल के तहत प्रत्येक मंडल के विशिष्ट व्यंजनों की पहचान की जाएगी। इन पारंपरिक स्वादों को सिर्फ स्थानीय दुकानों तक सीमित न रखकर, उन्हें आधुनिक पैकेजिंग, बेहतर मार्केटिंग और नेशनल ब्रांडिंग के जरिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स तक पहुँचाया जाएगा।

 यूपी के 'फूड आइकन्स' बनेंगे ग्लोबल ब्रांड

इस योजना के केंद्र में प्रदेश के वे मशहूर व्यंजन हैं जो दशकों से लोगों की जुबान पर हैं, लेकिन उन्हें वह संगठित बाजार नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार हैं:

  • आगरा: पेठा

  • मथुरा: पेड़ा

  • गोरखपुर: लिट्टी-चोखा

  • कानपुर: समोसा और लड्डू

  • अयोध्या: हनुमानगढ़ी के लड्डू

इन उत्पादों को अब FSSAI मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि इनकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की हो सके।

 स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए सुनहरा अवसर

क्यूजीन क्लस्टर मॉडल केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, यह उद्यमिता का एक बड़ा पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) तैयार करेगा:

  1. फूड स्टार्टअप्स: युवाओं को स्थानीय व्यंजनों पर आधारित स्टार्टअप शुरू करने के लिए विशेष प्रोत्साहन मिलेगा।

  2. ट्रेनिंग और लॉजिस्टिक्स: कोल्ड चेन, आधुनिक पैकेजिंग यूनिट और गुणवत्ता परीक्षण लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

  3. महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को इन व्यंजनों के उत्पादन और पैकेजिंग से जोड़ा जाएगा।

 फूड टूरिज्म और निवेश को मिलेगी गति

योगी सरकार की 'प्रो-इंडस्ट्री' नीतियों और सिंगल विंडो सिस्टम के कारण खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद है।

  • पर्यटन स्थलों पर मौजूदगी: रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट्स, होटलों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर इन विशिष्ट व्यंजनों के लिए विशेष आउटलेट्स बनाए जाएंगे।

  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: स्थानीय उत्पादकों को ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर रही है।

 आत्मनिर्भर यूपी का विजन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि जब प्रदेश का पारंपरिक जायका आधुनिक बाजार से जुड़ेगा, तो न केवल स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, बल्कि 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' का संकल्प भी सिद्ध होगा। यह पहल उत्तर प्रदेश को भारत की खाद्य टोकरी (Food Basket) बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

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