यूपी के विश्वविद्यालयों का QS वैश्विक रैंकिंग में शानदार प्रदर्शन: मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय
लखनऊ, नवम्बर 2025। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय ने प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा प्रतिष्ठित क्यू०एस० (QS) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग प्रणाली में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त करने पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि क्यू०एस० एशिया और दक्षिण एशिया रैंकिंग में प्रदेश के शिक्षण संस्थानों को मिली यह उपलब्धि सम्पूर्ण राज्य के लिए गर्व का विषय है।
मंत्री उपाध्याय ने इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सतत सुधारों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार आधारित अनुसंधान (Research), और शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में चलाए जा रहे ठोस प्रयासों को दिया।
QS रैंकिंग में यूपी के प्रमुख विश्वविद्यालय
मंत्री उपाध्याय ने रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालयों का विवरण साझा किया
| विश्वविद्यालय का नाम | QS एशिया रैंकिंग | QS दक्षिण एशिया रैंकिंग |
| लखनऊ विश्वविद्यालय | 781-790 | 244वाँ |
| चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (मेरठ) | 801-850 | 254वाँ |
| बाबा भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (लखनऊ) | 801-850 | 254वाँ |
| बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (झाँसी) | 901-950 | 297वाँ |
| महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय | 901-950 | 297वाँ |
| छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (कानपुर) | 901-950 | 297वाँ |
| दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय | 1001-1100 | 330वाँ |
| वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) | 1201-1300 | 397वाँ |
वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पहचान
मंत्री उपाध्याय ने ज़ोर देते हुए कहा कि वैश्विक रैंकिंग में यह प्रदर्शन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई पहलें इस दिशा में निर्णायक साबित हुई हैं, जिनमें शामिल हैं
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नई शिक्षा नीति 2020 (NEP)
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डिजिटल लर्निंग सिस्टम
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शोध प्रोत्साहन योजनाएँ
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इंडस्ट्री-एकेडमिक लिंक
बधाई और भविष्य का दृष्टिकोण
मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालयों के सभी शिक्षकों, शोधकर्ताओं, अधिकारियों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक परिश्रम, शोधनिष्ठा और नवाचारोन्मुख दृष्टिकोण का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय और भी ऊँचाइयाँ प्राप्त करेंगे तथा शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक विकास के क्षेत्र में पूरे देश का गौरव बढ़ाएँगे।
