UPEX 2026: सौर ऊर्जा, निवेश और रोजगार के नए अवसरों पर मंथन
FTA से रोजगार और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जसवंत सिंह सैनी ने India-UK Free Trade Agreement को युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसरों का द्वार बताया। उन्होंने ‘निवेश मित्र’ पोर्टल के जरिए उद्योगों को बेहतर और पारदर्शी वातावरण उपलब्ध कराने की बात कही और FTA को “स्वर्णिम अवसर” बताया।
वहीं बेन मेलर ने कहा कि इस समझौते से व्यापार में स्थिरता आएगी और AI, लाइफ साइंसेज, फाइनेंस तथा ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने अनुमान जताया कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 60 अरब डॉलर से बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
सौर ऊर्जा में यूपी बना देश का अग्रणी राज्य
रविंदर सिंह (निदेशक, UPNEDA) ने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ और ‘पीएम-कुसुम योजना’ के जरिए सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। 15 अप्रैल तक लखनऊ में 85,000 से अधिक घर सोलर पैनलों से रोशन हो चुके हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर है। UPNEDA के सचिव पंकज सिंह ने नवाचार, आसान वित्तपोषण और बेहतर समन्वय को नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लिए आवश्यक बताया।
वैश्विक साझेदारी के लिए तैयार यूपी
डॉ. रंजीत मेहता ने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी, मजबूत MSME सेक्टर, ODOP और GI टैग उत्पाद इसे वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने कंप्रेस्ड बायोगैस और कृषि-आधारित ऊर्जा क्षेत्रों में भारत-यूके सहयोग पर जोर दिया।
सह-अध्यक्ष विवेक अग्रवाल और चेतन सब्बरवाल ने ग्रीन एनर्जी, फिनटेक और गारमेंट सेक्टर में बढ़ते अवसरों की ओर ध्यान आकर्षित किया। विशेष रूप से FTA के तहत गारमेंट सेक्टर को जीरो ड्यूटी का लाभ मिलने की बात कही गई।
निर्यात को बढ़ावा देने की पहल
आलोक द्विवेदी (संयुक्त DGFT) ने EPCG स्कीम और ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाने की जानकारी दी।
7–9 मई को होगा UPEX 2026
कॉन्फ्रेंस सह-संयोजक यूपी त्रिपाठी ने बताया कि UPEX 2026 का आयोजन 7 से 9 मई तक लखनऊ में किया जाएगा। इस एक्सपो में रूफटॉप सोलर, बड़े सौर प्रोजेक्ट्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और C&I सॉल्यूशंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन होगा। UPEX 2026 न केवल स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को उजागर करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और तकनीकी नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

