यूपीआईटेक्स 2026: उत्तर प्रदेश की औद्योगिक विकास को वैश्विक मंच , लोकल से ग्लोबल की दिशा में सशक्त होता उत्तर प्रदेश
Uttar Pradesh: Empowering its journey from local to global
यूपीआईटेक्स 2026 के प्रमुख उद्देश्य
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उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ना
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ओडीओपी योजना के अंतर्गत पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देना
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स्थानीय उत्पादों को “लोकल से ग्लोबल” बनाना
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राज्य को निवेश के आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना
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ग्रामीण आजीविका, पर्यटन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देना
400 से अधिक स्टॉल, उद्योगों की व्यापक झलक
यूपीआईटेक्स 2026 में 400 से अधिक स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न उद्योगों की व्यापक श्रृंखला प्रस्तुत की गई है, जिनमें प्रमुख रूप से—
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हस्तशिल्प एवं वस्त्र: मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, भदोही–मिर्जापुर की कालीन
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इंजीनियरिंग एवं लेदर: कानपुर, औरैया, आगरा–अलीगढ़ क्लस्टर
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FMCG एवं एग्रो प्रोसेसिंग: रेडिको खेतान, फेना, राजेश मसाले, एवरेस्ट मसाले
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बैंकिंग एवं वित्त: NABARD, SIDBI, SBI, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, NSE
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इत्र उद्योग: कन्नौज के सुगंधित इत्र, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से विशेष सराहना मिली
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ऑटोमोबाइल पवेलियन: नई गाड़ियां, अत्याधुनिक तकनीक और ऑटो एक्सेसरीज़
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EPCH पवेलियन: 40 से अधिक निर्यातकों द्वारा हस्तशिल्प और वस्त्रों का प्रदर्शन
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नेशनल जूट बोर्ड: पर्यावरण-अनुकूल जूट उत्पादों को जबरदस्त प्रतिसाद
एमएसएमई को वित्तीय और बाजार मार्गदर्शन
नाबार्ड, सिडबी, एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और एनएसई की सक्रिय भागीदारी एमएसएमई को वित्तीय समावेशन, ऋण सुविधा और बेहतर बाजार पहुंच के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। बीआईएस जैसी संस्थाएं मानकीकरण, गुणवत्ता नियंत्रण और नियामकीय अनुपालन पर भी जानकारी दे रही हैं। इसके अतिरिक्त, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) द्वारा 25 जनवरी 2026 को वित्तीय साक्षरता सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
ODOP और EPCH पवेलियन बना आकर्षण का केंद्र
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ODOP पवेलियन में 20 से अधिक स्टॉल्स के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
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एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) के पवेलियन में 40 से अधिक प्रमुख निर्यातकों द्वारा GI-टैग्ड और एक्सपोर्ट-रेडी उत्पाद प्रदर्शित किए गए, जिससे खरीदारों और निर्माताओं के बीच सीधा संवाद संभव हुआ।
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नेशनल जूट बोर्ड के पवेलियन में प्रदर्शित जूट उत्पादों ने सतत आजीविका और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
उद्योग जगत की दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी
इस अवसर पर
श्री राजेश निगम (को-चेयर, यूपी स्टेट चैप्टर, PHDCCI),
श्री राजेश कुमार (जोनल हेड, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, लखनऊ),
सुश्री श्रुति शर्मा (रेगुलेटरी डिपार्टमेंट, NSE),
श्री संजय तिवारी (कार्यकारी निदेशक, BNI, लखनऊ चैप्टर),
श्री अतुल श्रीवास्तव (सीनियर रीजनल डायरेक्टर, PHDCCI),
श्री हरदीप सिंह (कंसल्टेंट ट्रेड फेयर, PHDCCI)
और श्री मोहम्मद फरहान (फाउंडर, कामाकाजी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड) की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और सशक्त बनाया।
उद्योग जगत की राय
श्री राजेश निगम ने कहा,“यूपीआईटेक्स 2026 एमएसएमई, कारीगरों और उद्यमियों के लिए ऐसा मंच है जहां नीति, उद्योग और बाजार एक साथ आते हैं। यह राज्य के पारंपरिक और आधुनिक उद्योगों को नई पहचान देने के साथ निवेश के नए अवसर भी पैदा कर रहा है।”
श्री राजेश कुमार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने कहा,“यूपीआईटेक्स जैसे मंच एमएसएमई को वित्तीय संस्थानों से सीधे जुड़ने का अवसर देते हैं, जिससे उद्यमियों को पूंजी और बैंकिंग सेवाओं की बेहतर समझ मिलती है।”श्री अतुल श्रीवास्तव ने कहा,“यूपीआईटेक्स 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक यात्रा का प्रतीक है।”
व्यापार के साथ संस्कृति का उत्सव
यूपीआईटेक्स 2026 सिर्फ व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है।
फूड पवेलियनों में—
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राजस्थान की दाल-बाटी-चूरमा
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पंजाब का सरसों का साग और मक्की की रोटी
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लखनऊ के अवधी व्यंजन
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बिहार की लिट्टी-चोखा
आगंतुकों को आकर्षित कर रहे हैं। लाइव म्यूजिक, डांस परफॉर्मेंस, फैशन शो और मनोरंजन गतिविधियां इस एक्सपो को यादगार अनुभव बना रही हैं।
