UPPCS 2024 Result: 'कोच अप आईएएस' का शानदार प्रदर्शन, 35 अभ्यर्थियों ने फहराया सफलता का परचम
सफलता के पीछे का 'मैजिक फॉर्मूला'
संस्थान की अध्यक्ष डॉ. गरिमा श्रीवास्तव (Dr. Garima Srivastava) के नेतृत्व में विकसित विद्यार्थी-केंद्रित शैक्षणिक वातावरण इस सफलता की रीढ़ माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि आशुतोष श्रीवास्तव (Ashutosh Srivastava) और मनीष शुक्ला (Manish Shukla) द्वारा प्रदान किया गया निरंतर व्यक्तिगत मार्गदर्शन अभ्यर्थियों के लिए निर्णायक साबित हुआ।
रणनीतिक तैयारी और वैज्ञानिक मूल्यांकन
कोच अप आईएएस की शिक्षण पद्धति अन्य संस्थानों से भिन्न है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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व्यक्तिगत अध्ययन योजना: प्रत्येक अभ्यर्थी की क्षमता और आवश्यकताओं के अनुरूप कस्टमाइज्ड गाइडेंस।
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उत्तर लेखन का वैज्ञानिक मूल्यांकन: केवल उत्तर लिखना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि संरचना (Structure), की-वर्ड्स का सटीक प्रयोग और प्रभावी प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
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समेकित तैयारी: प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार—तीनों चरणों के लिए एक एकीकृत (Integrated) दृष्टिकोण।
अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन
इस उपलब्धि में संस्थान के समर्पित शैक्षणिक दल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रशांत ओझा, शैलेश शुक्ला और मनीष मोहन श्रीवास्तव जैसे अनुभवी शिक्षकों ने विषय की गहन समझ और अद्यतन (Updated) अध्ययन सामग्री के माध्यम से छात्रों की राह आसान की।
मार्गदर्शकों का संदेश
संस्थान के मार्गदर्शक आशुतोष श्रीवास्तव और मनीष शुक्ला ने सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा सफलता केवल घंटों तक अध्ययन करने से नहीं, बल्कि सही दिशा में किए गए निरंतर प्रयास और उचित रणनीति से प्राप्त होती है। हमारा लक्ष्य केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि अभ्यर्थी को परीक्षा की बदलती प्रवृत्तियों के अनुरूप ढालना है।"
भविष्य की राह
कोच अप आईएएस ने इस परिणाम के साथ एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि रणनीति सुनियोजित हो और मूल्यांकन सतत हो, तो प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करना कठिन नहीं है। संस्थान भविष्य में भी अपनी इसी गुणवत्ता और 'सफलता ही लक्ष्य' के सूत्र वाक्य के साथ अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।

