डीएवी इंटर कॉलेज में हंगामा: शिक्षक ने प्रबंधक पर मारपीट का आरोप लगाया, प्रबंधक ने शिक्षक पर छात्रों को उकसाने का लगाया आरोप
बलरामपुर। डीएवी इंटर कॉलेज बलरामपुर में मंगलवार को उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई जब छात्रों ने अवैध फीस वसूली का आरोप लगाते हुए बौद्ध परिपथ पर चक्का जाम कर दिया। इसी दौरान विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक अशोक तिवारी ने कॉलेज के प्रबंधक एडवोकेट संजय तिवारी पर उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया।
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर मनोज सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित किया और छात्रों को कानून हाथ में न लेने की सख्त हिदायत दी, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हुआ।
शिक्षक का आरोप
वरिष्ठ शिक्षक अशोक तिवारी का कहना है कि जब उन्होंने छात्रों से कथित अवैध फीस वसूली के मुद्दे पर प्रबंधक से बात करने का प्रयास किया, तो प्रबंधक ने आपा खोते हुए उनके साथ मारपीट की। इस घटना से आक्रोशित होकर शिक्षक ने सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया और प्रबंधक की गिरफ्तारी की मांग की।उन्होंने इस संबंध में कोतवाली नगर में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रबंधक ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, विद्यालय के प्रबंधक संजय तिवारी ने शिक्षक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक अशोक तिवारी ने छात्रों को राजनीतिक रूप से भड़काकर आंदोलन के लिए उकसाया।प्रबंधक का आरोप है कि शिक्षक विद्यालय को शिक्षा के मंदिर के बजाय राजनीति का केंद्र बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक को पूर्व में शिक्षण कार्य में लापरवाही, छात्रों को उकसाने और अन्य अनुशासनहीन गतिविधियों के लिए नोटिस दिए जा चुके हैं।
फीस को लेकर प्रबंधन का पक्ष
प्रबंधक संजय तिवारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालय में केवल इंटरमीडिएट का बायो ग्रुप स्ववित्तपोषित है और उसकी फीस शासन की गाइडलाइन के अनुसार ही ली जाती है। उन्होंने बताया कि प्रवेश के समय छात्रों और उनके अभिभावकों को फीस से संबंधित पूरी जानकारी दी जाती है और छात्र स्वेच्छा से प्रवेश लेते हैं। ली गई फीस की रसीद भी छात्रों को दी जाती है, इसलिए अवैध वसूली का कोई मामला नहीं बनता।
पूर्व जांचों का हवाला
प्रबंधक ने बताया कि पूर्व में शिक्षक की शिकायतों पर जिलाधिकारी, डीआईओएस और मंडल स्तरीय जांच टीम द्वारा विद्यालय की जांच की जा चुकी है, लेकिन हर बार लगाए गए आरोप निराधार पाए गए हैं।

