UP का एमएसएमई सेक्टर भर रहा है वैश्विक उड़ान; अवनीश अवस्थी बोले- '50 लाख उद्यमी कर रहे हैं शानदार प्रदर्शन'
कानपुर | 27 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) रीढ़ की हड्डी बनकर उभरे हैं। हाल ही में कानपुर में आयोजित 'वॉलमार्ट वृद्धि एमएसएमई कनेक्ट 2026' कार्यक्रम में राज्य के एमएसएमई इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की रणनीति पर मंथन हुआ। यह आयोजन प्रदेश सरकार के एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन विभाग और वॉलमार्ट वृद्धि द्वारा आइडियाज टु इम्पैक्ट फाउंडेशन (I2I) के सहयोग से किया गया।
96 लाख में से 50 लाख एमएसएमई सक्रिय: अवनीश अवस्थी
मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य की औद्योगिक शक्ति का खाका पेश किया। उन्होंने बताया:
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उत्तर प्रदेश में कुल 96 लाख एमएसएमई इकाइयां पंजीकृत हैं।
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इनमें से 50 लाख इकाइयां वर्तमान में सक्रिय हैं और बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं।
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वॉलमार्ट वृद्धि और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिल रही है।
वॉलमार्ट वृद्धि: मुफ्त प्रशिक्षण और ग्लोबल मार्केट एक्सेस
वॉलमार्ट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (सोर्सिंग एंड प्रोक्योरमेंट) जेसन फ्रेमस्टैड ने कहा कि एमएसएमई को सशक्त बनाने के लिए पूरे इकोसिस्टम का साथ आना जरूरी है। उन्होंने बताया कि वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम के जरिए उद्यमियों को:
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निशुल्क प्रशिक्षण और डिजिटल कौशल सिखाया जा रहा है।
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पर्सनलाइज्ड मेंटरशिप के जरिए बिजनेस की कमियों को दूर किया जा रहा है।
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मार्केटप्लेस एक्सेस देकर उन्हें फ्लिपकार्ट और वॉलमार्ट के वैश्विक नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
इन क्षेत्रों में बढ़ रही है यूपी की धमक
वॉलमार्ट वृद्धि प्रोग्राम उत्तर प्रदेश के प्रमुख क्लस्टर्स जैसे लेदर उत्पाद, फुटवियर, टेक्सटाइल, होजरी और हस्तशिल्प पर विशेष ध्यान दे रहा है। वर्तमान में यह पहल आगरा, वाराणसी, मऊ, मुरादाबाद, मेरठ और गाजियाबाद जैसे शहरों में अपनी पहुंच का विस्तार कर रही है।
सफलता की कहानियाँ: 50 हजार से 10 लाख तक का सफर
कार्यक्रम में उन उद्यमियों की सफलता को भी साझा किया गया जिन्होंने इस प्रोग्राम के जरिए फर्श से अर्श तक का सफर तय किया:
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रेणुका मिश्रा (रेनहोम्ज): मेंटरशिप के बाद इन्होंने 150 महिला कारीगरों को रोजगार दिया और अपने राजस्व में 200% की वृद्धि दर्ज की।
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संजय कुमार (प्रतीक एंटरप्राइजेज): वॉलमार्ट वृद्धि से जुड़ने से पहले इनकी मासिक बिक्री ₹50,000 थी, जो आज ₹10 लाख के पार पहुँच गई है। फ्लिपकार्ट के जरिए इनकी बिक्री में 30% का इजाफा हुआ है।
'मेक इन इंडिया' को मिल रही मजबूती
हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार और वॉलमार्ट वृद्धि के बीच हुए एमओयू (MoU) का उद्देश्य स्थानीय कारोबारियों को 'डिजिटल रूप से सक्षम' बनाना है। यह साझेदारी सीधे तौर पर 'मेक इन इंडिया' अभियान को गति दे रही है, जिससे 'लोकल' उत्पाद अब 'ग्लोबल' पहचान बना रहे हैं। डिजिटल टूल्स, फाइनेंस मैनेजमेंट और मार्केटिंग के आधुनिक गुर सीखकर उत्तर प्रदेश के छोटे उद्यमी अब बड़े कॉरपोरेट घरानों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं। अवनीश अवस्थी के अनुसार, सही मार्गदर्शन मिलने पर यूपी के एमएसएमई वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
