मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज भ्रमण के दौरान मीडिया को किया संबोधित
मुख्यमंत्री ने बताया कि पौष पूर्णिमा स्नान पर्व के अवसर पर अनुमानित 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं की अपेक्षा के विपरीत 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माँ गंगा, माँ यमुना एवं माँ सरस्वती की पावन त्रिवेणी में सकुशल स्नान किया और भगवान वेणी माधव, बड़े हनुमान जी तथा अक्षयवट के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। वर्तमान में कल्पवासी एक माह के कल्पवास हेतु साधना में लीन हैं।
आगामी प्रमुख स्नान पर्व
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि माघ मेले के अंतर्गत
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14 एवं 15 जनवरी को मकर संक्रांति स्नान,
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18 जनवरी को मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान,
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23 जनवरी को बसंत पंचमी,
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इसके पश्चात माघ पूर्णिमा,
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तथा 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का स्नान सम्पन्न होगा।
जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी की 726वीं जयंती
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी की 726वीं पावन जयंती के कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि प्रयागराज अनेक ऋषि-मुनियों और सिद्ध संतों की पावन धरा है। इसी धरती पर लगभग 726 वर्ष पूर्व जगद्गुरु रामानन्दाचार्य जी का जन्म हुआ था। इस अवसर पर माघ मेला-2026 की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित
मुख्यमंत्री ने कहा कि माघ मेले के सकुशल आयोजन के लिए प्रशासन, पुलिस एवं सभी संबंधित विभागों द्वारा समुचित तैयारियां की गई हैं। घाटों की लंबाई पूर्व की तुलना में बढ़ाई गई है, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है तथा भीषण शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने बताया कि मेले में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ-साथ ‘मेला सेवा ऐप’ का शुभारंभ किया गया है, जिसके माध्यम से कल्पवासी, संत एवं श्रद्धालु अपनी आवश्यक सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं और किसी भी समस्या की जानकारी सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं। इस ऐप का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।
प्रशासनिक समन्वय से सकुशल आयोजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रशासन के आपसी समन्वय और तत्परता के कारण पौष पूर्णिमा का स्नान पर्व भव्यता, संवाद और सभी के सहयोग से सकुशल सम्पन्न हुआ। आगामी सभी स्नान पर्व भी उसी पवित्रता, संवाद और समन्वय के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न किए जाएंगे। प्रशासन पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ आयोजन को सफल बनाने में जुटा हुआ है।
