धनतेरस पर योगी सरकार की खास पहल, यूपी के 1.33 लाख से अधिक स्कूलों में बच्चों को परोसा गया हलवा
लखनऊ, 06 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश में धनतेरस के अवसर पर परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए विशेष पहल की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित पीएम पोषण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1.33 लाख से अधिक विद्यालयों में 1.42 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन में हलवा परोसा गया। इस पहल का उद्देश्य त्योहार की खुशियां बच्चों के साथ साझा करने के साथ उनके भोजन में विविधता और पोषण को बढ़ावा देना है।
प्रदेशभर के विद्यालयों में एक साथ आयोजित इस विशेष गतिविधि के माध्यम से बच्चों को त्योहार के माहौल से जोड़ने का प्रयास किया गया। धनतेरस पर घरों में बनने वाले पकवानों और मिठाइयों की तरह विद्यालयों में भी बच्चों को विशेष पकवान परोसा गया, जिससे उनके लिए यह दिन यादगार बन सके।
त्योहार की खुशियों में शामिल हुए नौनिहाल
धनतेरस के अवसर पर आयोजित इस गतिविधि के तहत प्रदेश के सरकारी परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को हलवा वितरित किया गया। 1.42 करोड़ से अधिक बच्चों तक पहुंची इस पहल ने विद्यालयों में उत्सव जैसा माहौल बनाया। इसका उद्देश्य केवल विशेष भोजन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बच्चों को विद्यालय में अपनापन और खुशी का अनुभव कराना भी है। त्योहार के अवसर पर बच्चों के साथ खुशियां साझा करने की यह पहल विद्यालयों में सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पीएम पोषण योजना के मेन्यू में शामिल हुआ हलवा और उपमा
पीएम पोषण योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को नियमित मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के साथ भोजन में विविधता लाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में साप्ताहिक मेन्यू में हलवा और उपमा को शामिल किया गया है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में बच्चों को हलवा तथा दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में उपमा परोसा जाना है। इससे विद्यार्थियों को नियमित भोजन के साथ अलग-अलग स्वाद का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
मां समूह और विद्यालय प्रबंध समिति कर रही निगरानी
विद्यालयों में भोजन वितरण की गुणवत्ता और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मां समूह, विद्यालय प्रबंध समिति तथा टास्क फोर्स के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना और वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखना है। योगी सरकार की इस पहल के माध्यम से पीएम पोषण योजना को केवल मध्याह्न भोजन तक सीमित न रखते हुए बच्चों के पोषण, भोजन में विविधता और विद्यालयों में आनंदपूर्ण वातावरण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
