उत्तर प्रदेश एमएसएमई को मजबूत कर 01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर

Uttar Pradesh moves towards $1 trillion economy by strengthening MSMEs
 
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लखनऊ  फरवरी 2026 : प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान एमएसएमई क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने वर्ष 2026-27 के लिए उद्योग विभाग, लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन हेतु 3,800 करोड़ रुपये से अधिक के बजट प्रावधान की जानकारी दी, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 19 प्रतिशत अधिक है।

96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां संचालित हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। वर्ष 2017-18 में जहां लगभग 46,500 करोड़ रुपये का ऋण वितरण हुआ था, वहीं अब यह बढ़कर 2.57 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।इसी प्रकार निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2017-18 में 88,967 करोड़ रुपये का निर्यात था, जो अब बढ़कर लगभग 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र का प्रमुख योगदान है।

स्वरोजगार योजनाओं से युवाओं को बढ़ावा

मंत्री सचान ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का उल्लेख करते हुए बताया कि बिना ब्याज और बिना गारंटी ऋण के माध्यम से हजारों युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है।इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना तथा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से लाखों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इन योजनाओं के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।

ओडीओपी योजना से कारीगरों को लाभ

मंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना को प्रदेश की पहचान बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण, टूलकिट, वित्तीय सहायता और विपणन सहयोग से लाखों कारीगरों को लाभ मिला है। ओडीओपी उत्पादों को जीआई टैग दिलाने, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

आधुनिक अवसंरचना पर जोर

मंत्री ने बताया कि फ्लैटेड फैक्ट्री, प्लग एंड प्ले पार्क, तकनीकी उन्नयन योजना और औद्योगिक भूमि नीतियों के माध्यम से उद्यमियों को सस्ती भूमि, आधुनिक अवसंरचना और वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।आगरा, लखनऊ और वाराणसी में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल ओडीओपी एवं भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक विपणन केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाकर उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

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