युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश का कौशल विकास अभियान
“हर हाथ को हुनर, हर युवा को रोजगार” के संकल्प पर केंद्रित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Wed, 10 Sep 2025
लखनऊ, सितंबर 2025 ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा को नई दिशा दे रही है। प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत इसकी विशाल युवा आबादी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार का उद्देश्य है कि हर युवा को उसकी योग्यता और रुचि के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
“हर हाथ को हुनर और हर युवा को रोजगार” की सोच के तहत सरकार ने अनेक योजनाएं लागू की हैं। वर्ष 2015 में केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई राष्ट्रीय कौशल विकास और उद्यमिता नीति को योगी सरकार ने तेजी से जमीन पर उतारते हुए लाखों युवाओं को इसका लाभ उपलब्ध कराया है। आज प्रदेश के प्रत्येक जिले में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, जन शिक्षण संस्थान और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) जैसे कार्यक्रम युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
नई शिक्षा नीति और कौशल शिक्षा का विस्तार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 6 से ही व्यावसायिक शिक्षा को शामिल करने का कार्य उत्तर प्रदेश में तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि छात्रों को केवल डिग्री नहीं बल्कि रोजगार योग्य ज्ञान और हुनर मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत विद्यालयों और महाविद्यालयों में व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
युवाओं के लिए बढ़ते अवसर
योगी सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए चलाई जा रही प्रमुख योजनाएं—
आईटीआई और पॉलिटेक्निक : इंजीनियरिंग व कंप्यूटर विज्ञान में व्यावहारिक प्रशिक्षण
डीडीयू-जीकेवाई (DDU-GKY) : ग्रामीण युवाओं को 250 से अधिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण व रोजगार
एनआरएलएम (NRLM) : गरीब परिवारों व महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण
एनएपीएस (NAPS) : एमएसएमई इकाइयों में शिक्षुता और वजीफे की सुविधा
जन शिक्षण संस्थान : अशिक्षित और कम शिक्षित वर्गों के लिए प्रशिक्षण
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रोजगार और स्वरोजगार दोनों पर ध्यान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि कौशल विकास केवल नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को स्वरोजगार की ओर भी प्रेरित करता है। पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), बैंकिंग, रिटेल और पारंपरिक शिल्प जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवा न केवल रोजगार पा रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश (Atmanirbhar UP) के निर्माण में अहम योगदान भी दे रहे हैं।
राज्य सरकार का जोर है कि उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए ताकि युवाओं को वही प्रशिक्षण मिले जिसकी बाजार में वास्तविक मांग है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत बन रही है तथा बेरोजगारी दर में लगातार कमी आ रही है।
