गोंडा की प्राचीन रामलीला में वाणासुर के ओजपूर्ण संवाद ने बांधा समां, धनुष यज्ञ लीला में उमड़े श्रद्धालु
धनुष टूटने के बाद महिलाओं ने भगवती सीता के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद, भगवान की दिव्य सवारी में शामिल हुए सैकड़ों युवा
गोंडा। मालवीय नगर स्थित जनपद मुख्यालय के प्राचीन रामलीला मैदान में आयोजित नगर रामलीला में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को अयोध्याधाम के हनुमत लीला मंडल के कलाकारों ने धनुष यज्ञ लीला का मनोहारी मंचन कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। लीला के दौरान वाणासुर के ओजपूर्ण और नीतिपरक संवादों ने दर्शकों को रोमांचित किया।
मंचन के दौरान जनकपुरी में आयोजित धनुष यज्ञ का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। महाराज जनक की प्रतिज्ञा सुनाई गई कि जो राजा शिवधनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने में सफल होगा, उसी के साथ माता सीता का विवाह किया जाएगा। इस चुनौती को स्वीकार करते हुए देश-देशांतर से आए राजा-महाराजा धनुष उठाने और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास करते हैं, लेकिन सभी असफल रहते हैं।
इसके बाद लीला में रावण और वाणासुर के बीच हुए रोमांचकारी संवाद ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। वाणासुर के ओजपूर्ण और नीतिपरक वचनों को सुनकर दर्शक मुग्ध हो गए। आगे चलकर धनुष टूटने के प्रसंग ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस दौरान श्रद्धालु महिलाओं ने भगवती सीता के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया। उपस्थित भक्तों ने भगवान की आरती उतारकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
भगवान की दिव्य सवारी में शामिल हुए सैकड़ों युवा
धनुष यज्ञ लीला से पहले रगड़गंज मार्ग स्थित राजनरायन मंदिर से भगवान की दिव्य सवारी निकाली गई। इसमें सैकड़ों युवाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नगर के विभिन्न स्थानों पर भगवान की आरती उतारकर स्वागत किया गया। दिव्य सवारी के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रामलीला आयोजन समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह और लीला संरक्षण अरुण कुमार शुक्ल ने कार्यक्रम में पहुंचे श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप, संजय तिवारी, धीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय, हरीश शुक्ला और गोपेश श्रीवास्तव सहित रामलीला समिति के कई पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

