वाइब्रेंट विलेज योजना : सीमावर्ती गांवों के विकास की दिशा में सशक्त कदम
इसी संदर्भ में गुरुवार को 51वीं यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में सिरसिया, श्रावस्ती में आयोजित ट्रैकिंग कार्यक्रम के दौरान बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल ने योजना के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

ग्राम घोघवा कला में आयोजित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में ग्रामीणों और एनसीसी कैडेटों को संबोधित करते हुए कर्नल पटवाल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा तैयार करना नहीं, बल्कि सीमावर्ती गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके माध्यम से स्थानीय संसाधनों का सदुपयोग कर पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों पर आधारित व्यवसाय को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार का प्रयास है कि उत्तर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर सड़कें, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएँ और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएँ, ताकि पलायन की प्रवृत्ति को रोका जा सके और सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न निदेशालयों से आए एनसीसी कैडेटों ने निर्धारित मार्गों पर ट्रैकिंग अभियान भी किया और ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर राष्ट्रीय एकता और ग्रामीण विकास के महत्व पर चर्चा की। यह आयोजन न केवल युवाओं में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जागृत करता है, बल्कि उन्हें यह भी प्रेरित करता है कि सीमावर्ती गांवों के विकास में प्रत्येक नागरिक की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
