विद्याज्ञान की छात्राओं ने सीबीएसई क्लस्टर-4 बास्केटबॉल चैंपियनशिप में जीते दो स्वर्ण, राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालिफाई
लखनऊ के रेडिएंट पब्लिक स्कूल में आयोजित प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबलों में विद्याज्ञान की अंडर-14 टीम ने डीपीएस गोमती नगर को 32-18 से हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं, अंडर-17 टीम ने रोमांचक मुकाबले में डीपीएस एल्डेको, लखनऊ को 43-38 से शिकस्त दी।
विद्याज्ञान की खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। अंडर-17 टीम की कप्तान रोली चौरसिया को इस वर्ग की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जबकि अंडर-14 वर्ग में अंशिका यादव ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का सम्मान हासिल किया। अंडर-17 प्रतियोगिता में 48 और अंडर-14 वर्ग में 38 टीमों ने हिस्सा लिया।
रोली चौरसिया इससे पहले प्रयागराज में आयोजित जूनियर एनबीए राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2025 में भी विद्याज्ञान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 47 अंक बनाए थे।
छात्राओं की उपलब्धि पर विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी के खेल विभाग के बास्केटबॉल प्रशिक्षक दीपेंदर कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि अंडर-14 और अंडर-17 दोनों खिताब जीतना खिलाड़ियों और पूरे विद्याज्ञान समुदाय के लिए गर्व का क्षण है।
विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी की प्रधानाचार्य स्वाति एस. शालिग्राम ने कहा कि संस्थान में खेल को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा माना जाता है। उनके अनुसार, खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, दृढ़ता, टीम भावना और दबाव की स्थिति में बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास विकसित करता है।
दोनों विजेता टीमें अब सीबीएसई अखिल भारतीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप 2026-27 में विद्याज्ञान का प्रतिनिधित्व करेंगी। राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतियोगिता 20 से 29 सितंबर 2026 तक पटना, बिहार में आयोजित की जाएगी।
लड़कों की टीमों ने भी रचा इतिहास
विद्याज्ञान स्कूल की लड़कों की बास्केटबॉल टीमों ने भी इस वर्ष शानदार प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश के बहराइच में 5 से 8 अगस्त तक आयोजित सीबीएसई क्षेत्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप-2026 में स्कूल की अंडर-14 और अंडर-17 टीमों ने स्वर्ण पदक के साथ टीम चैंपियनशिप का खिताब जीता।
अंडर-14 वर्ग में आलोक शर्मा और अंडर-17 वर्ग में अनुराग कुशवाहा को प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। इन उपलब्धियों के साथ विद्याज्ञान ने इस वर्ष बास्केटबॉल की चारों श्रेणियों में स्वर्ण पदक हासिल कर ऐतिहासिक क्लीन स्वीप पूरा किया।
