विकसित भारत युवा संसद 2026: यूपी विधानसभा में गूंजे युवाओं के विचार, राष्ट्र निर्माण पर हुई सार्थक बहस
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए उन्हें नीति निर्माण और राष्ट्र विकास के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखने का मंच देना है। “केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना” विषय पर युवाओं ने रोजगार, स्टार्टअप, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, हरित अर्थव्यवस्था और स्किल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर अपने सुझाव और दृष्टिकोण साझा किए।
युवाओं के विचारों में दिखी गहराई और समाधान आधारित सोच
दूसरे दिन की चर्चा में प्रतिभागियों ने केवल समस्याओं को नहीं उठाया, बल्कि उनके समाधान और क्रियान्वयन की रणनीतियों पर भी जोर दिया। कई वक्ताओं ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का रोडमैप है, जिसमें युवाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
युवाओं ने यह भी रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित “Viksit Bharat Young Leaders Dialogue 2026” में मिले सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास किया गया है। स्वास्थ्य, तकनीक, स्टार्टअप, उद्यमिता और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई।
गांव से लेकर वैश्विक सोच तक का संगम
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों में ग्रामीण अनुभव, राष्ट्रीय सोच और वैश्विक दृष्टिकोण का अनूठा मेल दिखाई दिया। पारंपरिक वेशभूषा में मंच पर पहुंचे युवाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे, जिन्हें सदन में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ सराहा।कई प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन का यादगार अनुभव बताते हुए कहा कि पहली बार विधानसभा पहुंचकर उन्हें लोकतंत्र को करीब से समझने और महसूस करने का अवसर मिला है।
लोकतंत्र को समझने का मिला अवसर
कार्यक्रम का मूल्यांकन विधायक शशांक वर्मा, डॉ. सुरभि और डॉ. नीरज बोरा द्वारा किया जा रहा है। निर्णायकों ने प्रतिभागियों को संसदीय परंपराओं, तर्क प्रस्तुति और नेतृत्व क्षमता को लेकर मार्गदर्शन भी दिया।युवा संसद का समापन 3 मई 2026 को होगा, जिसमें चयनित तीन श्रेष्ठ प्रतिभागियों को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद में अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।
युवाओं में दिखा विकसित भारत का विजन
यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के विचारों, ऊर्जा और लोकतांत्रिक चेतना का उत्सव बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने में देश की युवा शक्ति निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
