एसएमएस लखनऊ में श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुई विश्वकर्मा पूजा
लखनऊ, 17 सितंबर 2026। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (SMS), लखनऊ के वर्कशॉप में भगवान विश्वकर्मा पूजा का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने भगवान विश्वकर्मा का पूजन कर तकनीकी ज्ञान, कौशल, सृजनशीलता और कार्यस्थल की समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री शरद सिंह, सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, एसएमएस ने कहा कि आधुनिक शिक्षा और तकनीकी विकास में प्रयोगशालाओं, वर्कशॉप, उपकरणों तथा तकनीकी कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में व्यावहारिक ज्ञान, समस्या-समाधान क्षमता और आत्मनिर्भर तकनीकी दृष्टिकोण विकसित करने में ऐसे आयोजन प्रेरणादायी भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, महानिदेशक (तकनीकी) ने सभी अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को विश्वकर्मा पूजा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की परंपरा ज्ञान को कौशल, कौशल को सृजन और सृजन को समाजोपयोगी विकास में बदलने की प्रेरणा देती है। उन्होंने तकनीकी उत्कृष्टता, श्रम के सम्मान और नवाचार को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की आधारशिला बताया।
कार्यक्रम में प्रो. आशीष भटनागर, निदेशक; डॉ. जगदीश सिंह, निदेशक (प्रशासन); डॉ. धर्मेंद्र सिंह, एसोसिएट डायरेक्टर; डॉ. पी.के. सिंह, डीन-स्टूडेंट वेलफेयर; डॉ. मोहम्मद हुसैन, डीन-इंजीनियरिंग; राहुल अवस्थी, डीजीएम-आईटी; विभागाध्यक्षगण; डॉ. कमलेश सिंह; सुनीत मिश्रा; उमेश कुमार सिंह, वर्कशॉप सुपरिटेंडेंट; अरुण सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
श्रम, तकनीकी दक्षता और नवाचार का संदेश
भारतीय परंपरा में विश्वकर्मा पूजा को निर्माण-कौशल, शिल्प, अभियांत्रिकी, औजारों और तकनीकी सृजन के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जाता है। एसएमएस के वर्कशॉप में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था के साथ श्रम की गरिमा, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और नवाचार के महत्व का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान वर्कशॉप के उपकरणों एवं कार्यस्थल की स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित संचालन के प्रति जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित सदस्यों ने तकनीकी संसाधनों के समुचित उपयोग, नियमित रखरखाव और सतत सुधार के लिए सामूहिक संकल्प भी व्यक्त किया।कार्यक्रम का समापन मंगलकामनाओं और प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन ने संस्थान में आस्था, तकनीकी चेतना, कार्य-संस्कृति और सामूहिक जिम्मेदारी के बीच समन्वय को और मजबूत किया।
