Water Conservation: गिरते भूजल स्तर पर 'संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल' की बड़ी चेतावनी; व्यापारियों और नागरिकों से की रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील
पर्यावरण डेस्क, नई दिल्ली (16 जून 2026):
"जल ही जीवन है और इसके बिना सुनहरे कल की कल्पना भी असंभव है।" वर्तमान समय में आधुनिक समाज के सामने खड़ी सबसे गंभीर और डरावनी चुनौतियों में से एक है—तेजी से गिरता हुआ भूजल स्तर (Groundwater Level)। लगातार हो रहे अंधाधुंध जल दोहन (Water Exploitation) और मानसून के दौरान वर्षा जल के उचित प्रबंधन व संरक्षण न होने के कारण जमीन के नीचे का पानी रिकॉर्ड गति से घट रहा है।
इस गंभीर संकट को भांपते हुए देश की प्रतिष्ठित व्यापारिक संस्था 'संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल' ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान का बिगुल फूंका है। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि आज हमने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो हमारी आने वाली पीढ़ियों को पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ेगा और भयानक जल संकट का सामना करना होगा।
वॉटर रिचार्ज और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग ही एकमात्र समाधान
संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार, इस आसन्न संकट से बचने का सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक समाधान 'वॉटर रिचार्ज' (जल पुनर्भरण) एवं 'रेन वॉटर हार्वेस्टिंग' (वर्षा जल संचयन) को बड़े पैमाने पर लागू करना है।
अपील में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि मानसून या सामान्य दिनों में होने वाली वर्षा के अमूल्य पानी को नालियों और सड़कों पर व्यर्थ बहने देने के बजाय, उसे आधुनिक तकनीकों के जरिए वापस ज़मीन के भीतर पहुँचाना हम सभी का परम कर्तव्य है। इस प्रक्रिया से:
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ज़मीन का भूजल स्तर तेजी से सुधरेगा।
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भविष्य के लिए पानी की प्रचुर उपलब्धता हमेशा बनी रहेगी।
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पर्यावरण का संतुलन सुधरेगा और हरी-भरी धरती सुरक्षित रहेगी।
व्यापार मंडल की समाज, संस्थाओं और नागरिकों से सामूहिक अपील
इस जनहितकारी और जीवनरक्षक मुहिम को एक व्यापक जन-आंदोलन बनाने के लिए संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने देश के सभी:
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आम नागरिकों व परिवारों
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छोटे-बड़े व्यापारियों व उद्यमियों
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सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं
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समाजसेवियों एवं प्रबुद्ध वर्गों
से विनम्र अपील की है कि वे इस अभियान से अग्रिम पंक्ति में जुड़ें। संगठन ने सभी से आग्रह किया है कि वे अपने निजी घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों, दुकानों और शैक्षणिक संस्थानों की छतों पर 'रेन वॉटर हार्वेस्टिंग' की व्यवस्था अनिवार्य रूप से स्थापित करें। इसके साथ ही अपने आस-पास के लोगों को भी जल की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें।
"पानी बचाएँ, जीवन बचाएँ — वर्षा जल को धरती की गोद में पहुँचाएँ"
व्यापार मंडल ने इस अभियान को गति देने के लिए एक बेहद प्रभावी नारा भी साझा किया है: "पानी बचाएँ, जीवन बचाएँ — वर्षा जल को धरती की गोद में पहुँचाएँ।"
संस्था का स्पष्ट मानना है कि सरकार या प्रशासन अकेले दम पर इस संकट से पार नहीं पा सकते; जब तक कि इसमें देश के करोड़ों नागरिकों का सक्रिय सहयोग शामिल न हो। आइए, हम सब मिलकर इस मानसून में एक ऐसा सामूहिक संकल्प लें जिससे पानी की हर एक बूंद को सुरक्षित किया जा सके और आने वाली नस्लों को एक समृद्ध, हरा-भरा और जल-सुरक्षित भविष्य सौंपा जा सके। आपका एक छोटा सा प्रयास इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
