हम कुत्ते-कॉकरोच नहीं, देश के नागरिक हैं’, हिरासत से रिहाई के बाद नेहा बोरा का वीडियो वायरल
रिहाई के बाद जारी किए गए वीडियो में नेहा बोरा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पकड़कर दूर ले जाया गया और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वे कोई नागरिक नहीं हों। इसी दौरान उन्होंने कहा कि “हम कुत्ते, कॉकरोच और कीड़े-मकोड़े नहीं हैं, बल्कि इस देश के नागरिक हैं।”
प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई थीं नेहा बोरा
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, रविवार को करीब 120 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें नेहा बोरा और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी शामिल थे। बाद में प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।
द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने भी नेहा बोरा को हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा किए जाने की पुष्टि की। वहीं, AISA की ओर से दावा किया गया कि उन्हें एक ऐसे वाहन में ले जाया गया, जिसे संगठन ने बिना सरकारी नंबर प्लेट वाला बताया। इन दावों को लेकर अलग-अलग पक्षों की अपनी-अपनी बातें सामने आई हैं।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नेहा बोरा ने अपने वीडियो में हिरासत के दौरान हुए व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि नागरिकों को अपनी बात रखने और सत्ता से सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच क्या-क्या हुआ, इसे लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इसलिए नेहा बोरा द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके बयान और आरोप के तौर पर देखना जरूरी है।
CJP से जुड़े प्रदर्शनों में सक्रिय रही हैं नेहा बोरा
नेहा बोरा हाल के महीनों में छात्र आंदोलनों और Cockroach Janta Party (CJP) से जुड़े प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका को लेकर चर्चा में रही हैं। वह AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चल रहे प्रदर्शनों में भी शामिल रही हैं।
फिलहाल सोशल मीडिया पर उनका हिरासत के बाद का वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए नेहा बोरा के बयान के साथ-साथ दिल्ली पुलिस और प्रशासन की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी को भी देखना जरूरी होगा।
