WEF Davos Summit 2026 : ट्रंप सहित 64 देशों के नेता होंगे शामिल, भारत से बड़े प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी
WEF Davos Summit 2026: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) ने मंगलवार को जानकारी दी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पांच कैबिनेट सदस्यों के साथ स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाली सालाना बैठक में भाग लेंगे। इस समिट में भारत सहित कम से कम 64 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे, जबकि G-7 देशों में से 6 का प्रतिनिधित्व शीर्ष नेतृत्व द्वारा किया जाएगा। WEF के अध्यक्ष और सीईओ बोर्गे ब्रेंडे ने बताया कि इस बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा चीन और पाकिस्तान के बड़े प्रतिनिधिमंडल भी दावोस पहुंचेंगे।
18 जनवरी से शुरू होगी 5 दिन की अहम बैठक
बोर्गे ब्रेंडे के अनुसार, यह सालाना बैठक 18 जनवरी से शुरू होकर 5 दिनों तक चलेगी। इस दौरान यूक्रेन युद्ध, गाजा संकट, वेनेजुएला और लैटिन अमेरिका की राजनीतिक-आर्थिक स्थिति पर गहन चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि दुनिया 1945 के बाद से सबसे जटिल भू-राजनीतिक दौर से गुजर रही है, ऐसे में इस बार की बैठक ‘संवाद की भावना’ (Spirit of Dialogue) विषय पर केंद्रित है। बैठक में अमेरिकी कांग्रेस का एक बड़ा द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल और कई राज्यों के गवर्नर भी शामिल होंगे।
3000 से अधिक वैश्विक नेता लेंगे हिस्सा
WEF प्रमुख ने बताया कि इस वर्ष दावोस में 3000 से अधिक वैश्विक नेता हिस्सा लेंगे। इनमें—
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1700 से अधिक बिजनेस लीडर,
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जिनमें से लगभग आधे सीईओ या चेयरमैन हैं,
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30+ देशों के विदेश मंत्री,
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60+ वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर,
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तथा 30+ वाणिज्य मंत्री शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, “एनवीडिया और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों के प्रमुखों सहित इस बार दावोस में टेक इंडस्ट्री की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी देखने को मिलेगी।”
दावोस पहुंचने वाले प्रमुख वैश्विक नेता
समिट में भाग लेने वाले शीर्ष राजनीतिक नेताओं में—
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कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी,
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जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज,
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यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयन,
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चीन के उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग,
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स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन शामिल हैं।
इसके अलावा अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, आर्मेनिया, अजरबैजान, कोलंबिया, कांगो, इक्वाडोर, फिनलैंड, मोजाम्बिक, पोलैंड, सर्बिया, सिंगापुर, इजरायल और सीरिया के राष्ट्राध्यक्षों के साथ-साथ पाकिस्तान, कतर और फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण के प्रधानमंत्री भी बैठक में शामिल होंगे।
भारत से मजबूत राजनीतिक और कारोबारी उपस्थिति
भारत से इस समिट में—
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चार केंद्रीय मंत्री: अश्विनी वैष्णव, शिवराज सिंह चौहान, प्रल्हाद जोशी और के. राम मोहन नायडू,
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छह मुख्यमंत्री:
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देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र)
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एन. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश)
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हिमंत विश्व शर्मा (असम)
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मोहन यादव (मध्य प्रदेश)
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ए. रेवंत रेड्डी (तेलंगाना)
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हेमंत सोरेन (झारखंड)
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और 100 से अधिक शीर्ष भारतीय सीईओ शामिल होंगे।
भारतीय उद्योग जगत से मुकेश अंबानी, एन. चंद्रशेखरन, संजीव बजाज, हरि एस. भरतिया और सुदर्शन वेणु दावोस पहुंचेंगे।
संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक संस्थानों के प्रमुख भी होंगे मौजूद
इस समिट मेंसंयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस,विश्व बैंक अध्यक्ष अजय एस. बंगा,आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा,यूरोपीय सेंट्रल बैंक प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड,WHO महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्येयियस,WTO महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला जैसे कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के शीर्ष अधिकारी भी भाग लेंगे।
