गर्मी में क्यों जरूरी है फिजियोथेरेपी? जानिए इसके फायदे और बचाव के आसान उपाय
लखनऊ। गर्मियों के मौसम में बढ़ता तापमान और उमस केवल थकान ही नहीं, बल्कि शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों और संपूर्ण स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डालते हैं। ऐसे मौसम में फिजियोथेरेपी (Physiotherapy) न सिर्फ दर्द से राहत दिलाने में मदद करती है, बल्कि शरीर को सक्रिय, संतुलित और सुरक्षित बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में लोग अक्सर तैराकी, दौड़, जिम और अन्य आउटडोर गतिविधियों में अधिक भाग लेते हैं, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव, मोच और चोटों का खतरा बढ़ जाता है। फिजियोथेरेपी सही एक्सरसाइज और बॉडी मूवमेंट तकनीकों के माध्यम से इन समस्याओं से बचाव में सहायक होती है।
डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी के कारण गर्मियों में जोड़ों में अकड़न और दर्द की समस्या भी बढ़ सकती है। फिजियोथेरेपिस्ट ऐसे व्यायाम और तकनीकें बताते हैं, जो शरीर को लचीला बनाए रखने और दर्द को कम करने में मदद करती हैं।
इसके अलावा, तेज गर्मी में भारी कसरत करने से हीट स्ट्रोक और अत्यधिक थकान का खतरा भी रहता है। फिजियोथेरेपी विशेषज्ञ व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य और मौसम के अनुसार सुरक्षित एक्सरसाइज प्लान तैयार करते हैं, जिससे शरीर सक्रिय भी रहता है और जोखिम भी कम होता है।
फिजियोथेरेपी गर्मियों में सूजन, मांसपेशियों की जकड़न और शारीरिक सुस्ती को दूर करने में भी लाभकारी मानी जाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस मौसम में पर्याप्त पानी पिएं, हल्के और ढीले कपड़े पहनें तथा धूप में अधिक समय तक रहने से बचें।
डॉ. ओम जी तिवारी (PT), गोयल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, अनोरा कलां, इंदिरा नहर के पास, लखनऊ के अनुसार, “गर्मी के मौसम में सही फिजियोथेरेपी और नियमित हल्के व्यायाम शरीर को फिट, सक्रिय और दर्दमुक्त बनाए रखने में बेहद प्रभावी साबित होते हैं।
