8 साल बाद मिला इंसाफ, पति की हत्या कर घर में ही लाश दफनाने वाली पत्नी और उसके प्रेमी को उम्रकैद
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अदालत का बड़ा फैसला: चित्रकूट जिला न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों दोषियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा।
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सनसनीखेज वारदात: साल 2018 में प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने की थी पति की गला घोंटकर हत्या, घर के भीतर ही गाड़ दिया था शव।
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ऐसे खुला था राज: मृतक के छोटे भाई की मुस्तैदी और पुलिस की जांच से बेनकाब हुए थे दोनों कातिल।
चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले से एक बेहद सनसनीखेज और पुरानी हत्या के मामले में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। वर्ष 2018 में अपने प्रेम संबंधों के आड़े आ रहे पति की बेरहमी से हत्या करने वाली पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।
क्या था पूरा मामला? (खूनी साजिश का खुलासा)
यह खौफनाक वारदात चित्रकूट के लोहदा क्षेत्र की है। घटना का खुलासा तब हुआ था जब 7 जुलाई 2018 को मृतक के छोटे भाई मूलचंद्र विश्वकर्मा ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई थी। मूलचंद्र ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसकी भाभी माया देवी ने अपने प्रेमी टुल्लू लोध के साथ मिलकर उसके बड़े भाई शिवलोचन विश्वकर्मा की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी है। वारदात को छुपाने के लिए दोनों आरोपियों ने शिवलोचन के शव को बाहर फेंकने के बजाय अपने ही घर के भीतर एक गहरा गड्ढा खोदकर दफना दिया था।
एफआईआर से लेकर सजा तक का सफर
भाई की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घर से शव को बरामद किया था और आरोपी पत्नी माया देवी व उसके प्रेमी टुल्लू लोध के खिलाफ हत्या (धारा 302) सहित अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था।
अदालत में मामले की लंबी सुनवाई चली, जहां गवाहों के बयानों और पुख्ता फॉरेंसिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों का दोष सिद्ध हुआ। आखिरकार, इंसाफ की घड़ी आई और माननीय न्यायालय ने समाज में कड़ा संदेश देते हुए दोनों कातिलों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया।
