विंग्स टू योर फ्यूचर': लखनऊ में फ्रैंकफिन का भव्य मेगा सेमिनार, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
कौशल और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी: ब्रजेश पाठक
सेमिनार में मौजूद 500 से 600 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने फ्रैंकफिन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। सफलता के लिए व्यावहारिक कौशल (Practical Skills), आत्मविश्वास और बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स अनिवार्य हैं। उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से बढ़ रहा है और फ्रैंकफिन जैसे संस्थान हमारे युवाओं को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार कर आत्मनिर्भर बना रहे हैं।"
एविएशन सेक्टर में संभावनाओं का अंबार: के.एस. कोहली
फ्रैंकफिन ग्रुप के संस्थापक एवं नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन श्री के.एस. कोहली ने भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र (Aviation Sector) के भविष्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि:
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भारत 2030 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बनने की राह पर है।
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एयरपोर्ट्स की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर 2025 में 164 हो चुकी है, जिसे 2047 तक 350 करने का लक्ष्य है।
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यह सेक्टर वर्तमान में 7.7 मिलियन नौकरियों को सपोर्ट करता है, जो 2047 तक बढ़कर 25 मिलियन तक पहुँच सकता है।
स्थानीय युवाओं के लिए नए द्वार: रंजीत सिंह
लखनऊ फ्रैंचाइज़ी के ओनर श्री रंजीत सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि लखनऊ सेंटर युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, करियर काउंसलिंग और शत-प्रतिशत प्लेसमेंट सपोर्ट प्रदान करना जारी रखेगा।
फ्रैंकफिन का विस्तार और भविष्य की योजनाएं
संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों—नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आर.एस. कोहली, मैनेजिंग डायरेक्टर विलियम डेनियल और सीओओ सुधीर मल्होत्रा ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि:
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नेटवर्क विस्तार: भारत में 85 केंद्रों के बाद अब अगले 3 वर्षों में 100 नए घरेलू और 30 अंतर्राष्ट्रीय केंद्र खोलने की योजना है।
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यूपी पर फोकस: लखनऊ, गाजियाबाद और गोरखपुर के बाद अब जल्द ही कानपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज में नए सेंटर शुरू होंगे।
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नया प्रोजेक्ट: फ्रैंकफिन जल्द ही एक 'विश्वस्तरीय पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' भी शुरू करने जा रहा है।
यह सेमिनार एविएशन, हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल सेक्टर में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए एक पथ-प्रदर्शक साबित हुआ। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और उन्हें इंडस्ट्री की बारीकियों से अवगत कराया।


