प्रतापगढ़ के अमरगढ़ सीएचसी में प्रसूता का बिना जानकारी ब्लड सैंपल लेने का आरोप, 1100 रुपये वसूलने पर हंगामा
प्रतापगढ़। जिले के अमरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रसूता का कथित तौर पर तीमारदार को जानकारी दिए बिना एक निजी पैथोलॉजी संचालक द्वारा ब्लड सैंपल लेने और जांच के नाम पर 1100 रुपये वसूलने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तीमारदारों ने विरोध जताया, जिसके चलते हंगामे की स्थिति बन गई।
मामला आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां के रहने वाले दयाराम सरोज अपनी बहू नीलू, पत्नी प्रदीप कुमार, को प्रसव के लिए सीएचसी अमरगढ़ लेकर पहुंचे थे। परिजनों के मुताबिक, प्रसूता ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया और इसके बाद उसे अस्पताल के वार्ड में भर्ती रखा गया।
नर्स ने बाहर से जांच कराने की कही बात
दयाराम सरोज का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने प्रसूता के रक्त की जांच कराने की बात कही। जब उन्होंने अस्पताल के भीतर ही जांच कराने की बात कही तो कथित तौर पर उन्हें बताया गया कि यह जांच अस्पताल में नहीं होगी और बाहर की निजी पैथोलॉजी से करानी पड़ेगी।
तीमारदार के मुताबिक, वह अपनी जान-पहचान के एक पैथोलॉजी संचालक को बुलाने के लिए बाहर चले गए। वापस लौटने पर उन्हें जानकारी मिली कि उनकी अनुपस्थिति में किसी अन्य निजी पैथोलॉजी संचालक द्वारा प्रसूता का ब्लड सैंपल लिया जा चुका था।परिजनों का दावा है कि उनकी जानकारी या सहमति के बिना सैंपल लेने के बाद जांच के नाम पर 1100 रुपये भी वसूले गए। इस बात को लेकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध शुरू कर दिया।
वार्ड में भी बुनियादी सुविधाओं पर सवाल
हंगामे के दौरान प्रसूता के भर्ती वार्ड की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए। तीमारदारों का आरोप है कि जिस बेड पर प्रसूता भर्ती थी, उस पर चादर तक उपलब्ध नहीं थी और कमरे का पंखा भी नहीं चल रहा था। परिजनों ने अस्पताल की ओर से प्रसूता को भोजन उपलब्ध नहीं कराने का भी आरोप लगाया।
तीमारदारों ने निजी पैथोलॉजी से कथित तौर पर जांच कराने की प्रक्रिया और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की मांग की है। हालांकि, निजी पैथोलॉजी संचालक, संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों अथवा अस्पताल प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
कमीशनखोरी के आरोपों की जांच की मांग
परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में बाहर की निजी पैथोलॉजी को जांच के लिए भेजे जाने की व्यवस्था की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे स्वास्थ्यकर्मियों और निजी पैथोलॉजी संचालकों के बीच किसी प्रकार की मिलीभगत या आर्थिक हित हो सकते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र जांच के बाद ही उनकी वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में सीएचसी अमरगढ़ के अधीक्षक का पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। अस्पताल प्रशासन का आधिकारिक पक्ष मिलने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जा सकता है।स्थानीय लोगों और तीमारदारों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों और संबंधित निजी पैथोलॉजी संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
