गोयल इंस्टीट्यूट GITM में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर कार्यशाला
दिग्गज शिक्षाविदों व वैज्ञानिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पूजा यादव एवं डॉ. राधेलाल जी (CST, उत्तर प्रदेश) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) के वरिष्ठ शिक्षाविद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. कुलदीप सहाय (निदेशक, REC बस्ती), प्रो. अनुराग त्रिपाठी (डीन, UGSE), प्रो. अरुण कुमार तिवारी (डीन, FOET) तथा प्रो. अनुज शर्मा (डीन, R&D सेल) शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण अनुभव
कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषय विशेषज्ञों ने नवाचार और पेटेंट के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
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डॉ. अरुण सिंह एवं कर्नल (डॉ.) समीर मिश्रा ने राष्ट्रीय विकास में बौद्धिक संपदा की अहम भूमिका को रेखांकित किया।
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श्री अभय द्विवेदी ने पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रियात्मक बारीकियों की जानकारी दी।
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डॉ. ओम प्रकाश एवं श्री महीप सिंह ने शोध को व्यावसायिक रूप देने तथा कानूनी सुरक्षा प्राप्त करने के व्यावहारिक पहलुओं पर मार्गदर्शन किया।
नवाचार को बढ़ावा देने का संकल्प
मुख्य अतिथि डॉ. राधेलाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने CST, UP की ओर से शोधकर्ताओं को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. ऋषि अस्थाना ने सभी अतिथियों और वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला छात्रों और फैकल्टी सदस्यों में नवाचार (Innovation) के प्रति नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगी। कार्यक्रम के समापन पर गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष इंजीनियर महेश कुमार अग्रवाल (गोयल) ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

