World Environment Day: हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर गूंजा पर्यावरण संरक्षण का संदेश; जन शिक्षण संस्थान और UPMRC ने चलाया साझा अभियान

World Environment Day: Message of environmental conservation resonates at Hazratganj Metro Station; Jan Shikshan Sansthan and UPMRC launch joint campaign.
 
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लखनऊ, 06 जून 2026:  विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन कार्यरत जन शिक्षण संस्थान (गोमती नगर, लखनऊ) ने एक सराहनीय पहल की है। संस्थान द्वारा उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) के संयुक्त तत्वावधान में, 'शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास' एवं 'सूत्र संस्था' के विशेष सहयोग से हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर एक भव्य पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान के जरिए आम जनमानस को वृक्षारोपण, जल संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया गया।

सार्वजनिक परिवहन का उपयोग पर्यावरण के लिए संजीवनी: प्रबंध निदेशक सुशील कुमार

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक श्री सुशील कुमार ने नागरिकों को संबोधित करते हुए पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत जिम्मेदारी का एहसास कराया। उन्होंने कहा ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के इस दौर में पर्यावरण की रक्षा करना केवल सरकारों का नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। वैश्विक ईंधन संकट और बढ़ते प्रदूषण को थामने के लिए हमें मेट्रो जैसे आधुनिक व सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन के साधनों को अपनी जीवनशैली में अपनाना होगा। इससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और ऊर्जा संसाधनों की बचत के साथ पर्यावरण को भी भारी बल मिलेगा।"

विशेषज्ञों ने साझा किए पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक और व्यावहारिक पहलू

कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए:

  • आने वाली पीढ़ियों के लिए पेड़ जरूरी: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कीर्ति विक्रम सिंह ने कहा कि अंधाधुंध कटान के बीच बड़े पैमाने पर पौधरोपण ही एकमात्र रास्ता है। यह वातावरण में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाकर हमारी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य प्रदान करेगा।

  • प्राचीन भारतीय पर्यावरणीय व्यवस्था: बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं पर्यावरण संप्रेषक डॉ. निमिष कपूर ने पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सामने रखा। उन्होंने बताया कि किस तरह हमारी प्राचीन भारतीय परंपराएं और ऋषियों की व्यवस्थाएं प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीने का सबसे बेहतरीन उदाहरण हैं।

  • 'पेड़ बाबा' की अनूठी कविता: पर्यावरणविद् और लोकमानस में 'पेड़ बाबा' के नाम से विख्यात चंद्रभूषण तिवारी ने अपनी खूबसूरत और मर्मस्पर्शी कविताओं के माध्यम से लोगों को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया, जिसे उपस्थित जनता ने खूब सराहा।

कौशल विकास को पर्यावरण से जोड़ने की आवश्यकता

जन शिक्षण संस्थान के निदेशक अनिल कुमार श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्थान अपने कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों को पर्यावरण संरक्षण की मुहिम से जोड़ेगा, ताकि रोजगार के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी हो सके।

इस अवसर पर लखनऊ महिला सेवा ट्रस्ट की सचिव फरीदा जलीस और वर्चस्व वेलफेयर सोसाइटी की प्रमुख प्रतिभा बालियन ने भी पर्यावरण के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर किए गए अपने अनुभवों को मंच से साझा किया।

हस्तशिल्प प्रदर्शनी और ‘माय दीदी’ मेट्रो बाइक सेवा का भव्य आगाज

  • हस्तशिल्प को सराहना: हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर जन शिक्षण संस्थान और सहयोगी संस्थाओं के लाभार्थियों द्वारा निर्मित इको-फ्रेंडली हस्तशिल्प उत्पादों की एक आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे यात्रियों और अधिकारियों ने खूब सराहा।

  • 'माय दीदी' बाइक सेवा: इस मुख्य कार्यक्रम से ठीक पहले उत्तर प्रदेश मेट्रो द्वारा विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की सुगम और पर्यावरण अनुकूल यात्रा के लिए ‘माय दीदी’ मेट्रो बाइक सेवा का औपचारिक शुभारंभ भी किया गया।

इन दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति:

इस वृहद आयोजन को सफल बनाने में उत्तर प्रदेश मेट्रो के निदेशक (परिचालन) प्रशांत मिश्रा, संयुक्त महाप्रबंधक (जनसंबंध) पंचानन मिश्रा, उत्तर रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पर्यावरण जिला संयोजक के.बी. पंत सहित भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिकारी और संस्थान के लाभार्थी उपस्थित रहे।

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