विश्व डाक दिवस विशेष: डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के 87वें स्थापना दिवस पर जारी हुआ था विशेष डाक आवरण
ख़तों में आज भी वो एहसास ज़िंदा है,
डाकिए के हाथों में रिश्तों का विश्वास ज़िंदा है।
दूरियों को मिटाकर दिलों को जोड़ती है डाक,
हर संदेश में अपनों का प्यार ज़िंदा है।
लखनऊ। 9 अक्टूबर 2026। विश्व डाक दिवस के अवसर पर डाक विभाग की ऐतिहासिक भूमिका और डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी एक यादगार जानकारी साझा की गई है। यह प्रसंग न केवल संघ की ऐतिहासिक यात्रा को रेखांकित करता है, बल्कि डाक व्यवस्था के माध्यम से महत्वपूर्ण संस्थागत उपलब्धियों को सहेजने की परंपरा की भी याद दिलाता है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की स्थापना के 103 वर्ष पूरे हो चुके हैं। संघ के 87वें स्थापना दिवस के अवसर पर 24 जनवरी 2009 को भारतीय डाक विभाग के उत्तर प्रदेश परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल द्वारा एक विशेष डाक आवरण (स्पेशल कवर) जारी किया गया था। इस पर संघ की स्थापना के 87 वर्ष पूरे होने और उसके गौरवशाली इतिहास का उल्लेख किया गया था।
ऐतिहासिक दस्तावेज में दर्ज है संघ की गौरवगाथा
इस विशेष डाक आवरण को देखने का अवसर 22 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित संघ भवन में मिला। इस दौरान डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इं. एन.डी. द्विवेदी और वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष इं. श्रवण कुमार यादव से बातचीत के दौरान इस ऐतिहासिक दस्तावेज की जानकारी प्राप्त हुई।
विश्व डाक दिवस पर इस जानकारी को साझा करने का उद्देश्य संघ के इतिहास से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रसंग को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और संगठन की गौरवशाली परंपरा को स्मरण करना है।
87वें स्थापना दिवस पर ये पदाधिकारी थे जिम्मेदारियों में
संघ के 87वें स्थापना दिवस के अवसर पर इं. हरि किशोर तिवारी प्रांतीय अध्यक्ष थे, जबकि इं. एल.एन. सचान भी प्रांतीय स्तर पर संगठन से जुड़े पदाधिकारी के रूप में उल्लेखित हैं।
विशेष डाक आवरण संघ के इतिहास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण स्मृति है, जो आने वाली पीढ़ियों को संगठन की यात्रा और उपलब्धियों से परिचित कराने में सहायक हो सकती है।
विश्व डाक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
स्क्रिप्ट: इं. अहमद मुबीन
जनपद सचिव
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लोक निर्माण विभाग
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश
