Yastika Bhatia Century at Lords Test: यास्तिका भाटिया ने रचा स्वर्णिम इतिहास, लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक जड़ने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बनीं
Yastika Bhatia Century at Lords: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में एक ऐसा इतिहास रच दिया है, जो क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स (Lord's) के मैदान पर अमर हो गया है। भारत की स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज यास्तिका भाटिया (Yastika Bhatia) ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर एक यादगार शतक ठोक दिया है।
इस जादुई पारी के साथ ही 25 वर्षीय यास्तिका लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में शतक लगाने वाली दुनिया की पहली महिला बल्लेबाज बन गई हैं। यह ऐतिहासिक मुकाबला लॉर्ड्स में खेला जा रहा अब तक का पहला महिला टेस्ट मैच भी है।
पहली ही गेंद पर मिला था 'महासंकट' से जीवनदान
इस ऐतिहासिक पारी के दौरान यास्तिका भाटिया को किस्मत का भी अनोखा साथ मिला। मैच के तीसरे दिन जब वे बल्लेबाजी करने उतरीं, तो इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल की पहली ही इन-स्विंगर गेंद उनके ऑफ-स्टंप पर जाकर तेजी से टकराई। लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए चमत्कार यह रहा कि गेंद लगने के बावजूद गिल्लियां (Bails) अपनी जगह से नहीं गिरीं और यास्तिका आउट होने से बाल-बाल बच गईं।
इस मिले जीवनदान का यास्तिका ने पूरा फायदा उठाया और बेहद संयम व आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 145 गेंदों में अपना ऐतिहासिक शतक पूरा कर लिया। यह न सिर्फ उनके टेस्ट करियर का पहला शतक है, बल्कि इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स को मिलाकर उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शतक भी है।
क्रांति गौड़ के बाद लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर चमका यास्तिका का नाम
लॉर्ड्स टेस्ट का यह मुकाबला भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्णिम दौर का गवाह बन गया है। इस मैच में लगातार दो दिनों में दो भारतीय बेटियों ने लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित 'ऑनर्स बोर्ड' (Honours Board) पर अपनी जगह बनाई:
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क्रांति गौड़ का कमाल: मैच के दूसरे दिन भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड की पहली पारी में 5 विकेट चटकाकर ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराया था।
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यास्तिका भाटिया का धमाल: तीसरे दिन यास्तिका भाटिया ने शतकीय पारी खेलकर बल्लेबाजों के ऑनर्स बोर्ड में अपना नाम हमेशा के लिए सुरक्षित कर लिया।
113 रनों की पारी से भारत की स्थिति बेहद मजबूत
यास्तिका भाटिया की यह ऐतिहासिक पारी ऐसे नाजुक समय पर आई जब भारतीय टीम को एक बड़ी बढ़त की सख्त जरूरत थी। उन्होंने इंग्लिश स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन का शिकार बनने से पहले 158 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 113 रनों की लाजवाब पारी खेली।
यास्तिका के इस ऐतिहासिक शतक और मजबूत बल्लेबाजी की बदौलत भारतीय महिला टीम ने अपनी दूसरी पारी में 300 से अधिक रन बना लिए हैं, जिसके चलते इंग्लैंड के खिलाफ भारत की कुल बढ़त 400 रनों के पार पहुंच चुकी है। भारतीय टीम अब इस ऐतिहासिक टेस्ट में जीत की दहलीज पर खड़ी है।
