हर्बल उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने वाले यावर अली शाह को मानद डॉक्टरेट

मैरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी ने स्वर्ण पदक सहित मानद पीएचडी से किया सम्मानित

नई दिल्ली में दीक्षांत समारोह, देश-विदेश के शिक्षाविद् और उद्योग जगत के दिग्गज रहे उपस्थित
 
मैरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी ने स्वर्ण पदक सहित मानद पीएचडी से किया सम्मानित नई दिल्ली में दीक्षांत समारोह, देश-विदेश के शिक्षाविद् और उद्योग जगत के दिग्गज रहे उपस्थित

लखनऊ डेस्क | आर.एल. पाण्डेय लखनऊ के प्रख्यात उद्योगपति, एएमए हर्बल ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के को-फाउंडर एवं सीईओ तथा इंडियन इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के पूर्व को-चेयरमैन श्री यावर अली शाह को हर्बल उद्योग, नैचुरल डाइंग और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ऐतिहासिक वैश्विक योगदान के लिए मैरीलैंड स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा मानद डॉक्टरेट ऑफ फिलॉसफी (ऑनोरिस कॉज़ा पीएचडी) की उपाधि स्वर्ण पदक सहित प्रदान की गई।

यह सम्मान विश्वविद्यालय के डॉक्टोरल

मॉनिटरिंग बोर्ड की संस्तुति पर प्रदान किया गया। पुष्टिकरण पत्र के अनुसार श्री शाह को यह उपाधि इनोवेशन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण रोजगार सृजन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दी गई।

इंडिया हैबिटेट सेंटर में हुआ दीक्षांत समारोह
यह भव्य दीक्षांत समारोह रविवार, 11 जनवरी 2026 को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली के गुलमोहर हॉल में आयोजित हुआ, जिसमें भारत सहित कई देशों के शिक्षाविद्, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दुनिया का पहला डॉक्टर-प्रिस्क्राइब्ड हर्बल हेयर कलर

श्री यावर अली शाह ने वर्ष 2003 में दुनिया का पहला हर्बल हेयर कलर विकसित किया। इसके बाद 2005 में ‘वेजिटल बायो’ के रूप में दुनिया का पहला पीपीडी-फ्री नैचुरल हेयर कलर तैयार किया, जिसे पहले अमेरिका, फिर दुबई और 2010 में भारत में लॉन्च किया गया।
भारत में यह पहला ऐसा हर्बल हेयर कलर बनाजिसे डर्मेटोलॉजिस्ट की प्रिस्क्रिप्शन सूची में शामिल किया गया—और इस तरह यह दुनिया का पहला डॉक्टर-प्रिस्क्राइब्ड हर्बल हेयर कलर बना। आज वेजिटल बायो और सेफ कलर ब्रांड भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध हैं।
नैचुरल इंडिगो डाइंग में ऐतिहासिक उपलब्धि
नैचुरल डाइंग के क्षेत्र में एएमए ने क्रांतिकारी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। जहाँ पारंपरिक इंडिगो डाइंग में चार घंटे लगते थे, वहीं एएमए ने इसे सिर्फ 40 सेकंड में संभव कर दिया।
एएमए दुनिया की पहली कंपनी बनी जिसने नैचुरल इंडिगो को औद्योगिक रोप डाइंग प्रक्रिया में सफलतापूर्वक लागू किया। वर्तमान में दुनिया के शीर्ष 20 डेनिम उत्पादकों में से 12 एएमए के ग्राहक हैं और एएमए आज विश्व की सबसे बड़ी नैचुरल इंडिगो निर्माता एवं निर्यातक कंपनी है।
बेस्ट ऑफ वेस्ट’ से ग्रामीण रोजगार
श्री शाह की ‘बेस्ट ऑफ वेस्ट’ अवधारणा के तहत— अनार के छिलकों से खाकी रंग
अनुपयोगी काले कत्थे से ब्राउन डाई
लाख के कीड़े से शेलैक निकालने के बाद बचे अवशेष से नारंगी व बैंगनी रंग विकसित किए गए। इससे न केवल कचरे में कमी आई, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नया रोजगार भी सृजित हुआ। हरड़, बहेड़ा और माजू फल जैसे वन उत्पादों के संग्रह में स्थानीय महिलाओं को जोड़कर सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण किया गया।

इंडिगो बनी नई कैश क्रॉप

श्री यावर अली शाह ने इंडिगो को भारत की नई कैश क्रॉप में बदल दिया। जहाँ पहले उत्तर भारत में केवल 70–80 एकड़ में इंडिगो की खेती होती थी, वहीं आज यह बढ़कर लगभग 15,000 एकड़ तक पहुँच चुकी है।
हर एकड़ से दो लोगों को साल-भर रोजगार मिलता है। एएमए पिछले तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश में इंडिगो की खेती को बढ़ावा दे रही है। मेंथा की तुलना में इंडिगो से करीब 20 प्रतिशत अधिक आय होती है और एएमए इसका सबसे बड़ा खरीदार है, जिससे किसानों को बाजार की चिंता नहीं रहती।

प्राकृतिक रंगों का वैश्विक पुनरुद्धार

कृत्रिम रंगों से होने वाले पर्यावरण व स्वास्थ्य नुकसान के चलते विश्व-भर में प्राकृतिक रंगों की मांग तेज़ी से बढ़ी है। एएमए हर्बल इस प्राचीन विरासत को आधुनिक तकनीक और वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालते हुए आगे बढ़ा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मानक और प्रतिनिधित्व
श्री यावर अली शाह 2015 से ISO TC-38 पैनल में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और बीआईएस पैनल के सदस्य भी हैं। उन्होंने आईटीएमए मिलान (इटली) में एनर्जी एफिशिएंट डाइंग विद नैचुरल डाइज़ विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय सराहना मिली।

सम्मान पर प्रतिक्रिय

इस अवसर पर श्री यावर अली शाह ने कहा—
“यह सम्मान केवल मेरा नहीं, बल्कि पूरे भारतीय हर्बल उद्योग की वैश्विक पहचान का प्रतीक है। एएमए मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्राकृतिक समाधानों पर निरंतर कार्य करती रहेगी।”

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