ये दिल मांगे मोर : कैप्टन विक्रम बत्रा, परमवीर चक्र

Ye Dil Maange More: Captain Vikram Batra, Param Vir Chakra
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उत्तर प्रदेश डेस्क लखनऊ (आर एल पाण्डेय)। 84 उत्तराखंड वाहिनी एनसीसी, रुड़की के एनसीसी कैडेट्स द्वारा कमान अधिकारी कर्नल रामाकृष्णन रमेश के दिशानिर्देशन में "कारगिल विजय दिवस" की रजत जयंती के उपलक्ष्य में डोगराई का शेर महावीर चक्र विजेता अमर शहीद मेजर आशा राम त्यागी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया व "भारत माता की जय" के जयकारे लगाए ।

इस अवसर पर बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अमन कुमार सिंह द्वारा बताया गया की आज के दिन कारगिल युद्ध मे अपने प्राणों की आहुति देने वाले परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा का बलिदान दिवस है । कारगिल युद्ध के नायकों में से एक की सौर्य गाथा का व्याख्यान करते हुए उन्होंने बताया कि विक्रम बत्रा को उनकी रेजिमेंट में "शेरशाह" के नाम से बुलाया जाता था और कारगिल युद्ध के समय द्रास सेक्टर की सबसे महत्वपूर्ण चोटियों में से एक 5140 पॉइंट पर कब्जे के जिम्मेदारी दी गई थी

जिसको फतेह करने के बाद उन्होंने रेडियो ट्रांसमीटर द्वारा यह संदेश भेजा था, "चाणक्य..शेरशाह रिपोर्टिंग, हमने पोस्ट पर कब्जा कर लिया है ! यह दिल मांगे मोर", जो बाद में कारगिल युद्ध की कैच लाइन बन गया था । कैप्टन विक्रम बत्रा एक भूतपूर्व एनसीसी कैडेट थे व उनके द्वारा एनसीसी कैडेट रहते हुए गणतंत्र दिवस परेड में भी हिस्सा लिया गया था ।

आईएमए से पास होने के उपरांत 13 जैक रिफ में कमीशंड हुए कैप्टन विक्रम बत्रा द्वारा कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के विरुद्ध लड़ाई करते हुए मात्र 24 वर्ष की उम्र मे देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और भारत को कारगिल के युद्ध मे ऐतिहासिक जीत दिलाई । कार्यक्रम के सफल संचालन में बटालियन के प्रशिक्षण अधीक्षक श्री रवि कपूर द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गयी । इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स एसयूओ सुमन जोशी, एसयूओ आदित्य राणा, यूओ रुद्र प्रताप सिंह, खुशी पंवार, ज्योतिर्मय सपरा, अमीषा धामी, श्रुति, रजत रावत, प्रिया कोरी, सिया रावत, दिव्या कठैत, प्रियंका दत्ता, अभिमन्यु पांडेय, सृस्टि, अभिमन्यु पांडेय, शिवानी आदि उपस्थित रहे ।

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