Yoga Day 2026: "रोगमुक्त जीवन का मंत्र है योग"; बलरामपुर के MLK PG कॉलेज में आयोजित हुई शानदार निबंध प्रतियोगिता

Yoga Day 2026: "Yoga is the mantra for a disease-free life"; a magnificent essay competition was held at MLK PG College, Balrampur.
 
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बलरामपुर (18 जून 2026):

आगामी 21 जून को मनाए जाने वाले 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर स्थित प्रतिष्ठित एम.एल.के. पी.जी. (MLK PG) कॉलेज में योगमय माहौल देखा जा रहा है। महाविद्यालय में 15 जून से 21 जून 2026 तक चलने वाले विशेष 'योग सप्ताह कार्यक्रम' के तहत गुरुवार को एक भव्य निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता का मुख्य विषय "रोगमुक्त जीवन का मंत्र योग है" रखा गया था, जिसमें कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने रचनात्मक व उत्कृष्ट लेखन के माध्यम से योग के वैज्ञानिक व आध्यात्मिक महत्व पर सुंदर प्रकाश डाला।

"शारीरिक निरोगता के साथ मानसिक शांति भी देता है योग" — प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय ने योग को भारतीय संस्कृति की अनमोल देन बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:योग हमारी एक ऐसी प्राचीन और प्रामाणिक जीवन पद्धति है जो न केवल मनुष्य के शरीर को निरोगी और ऊर्जावान बनाती है, बल्कि आज के तनावभरे दौर में मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन भी प्रदान करती है। वास्तविकता में योग केवल कुछ आसनों का समूह नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र कला (Art of Living) है। नियमित रूप से योगासन और प्राणायाम करने से शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) काफी मजबूत होती है।"

सुबह योग का अभ्यास और दोपहर में प्रतियोगिताएं

कार्यक्रम के संयोजक लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेन्द्र कुमार चौहान ने योग के दैनिक लाभों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने साप्ताहिक रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय के कुशल निर्देशन में 15 से 21 जून तक पूरे उत्साह के साथ योग सप्ताह मनाया जा रहा है।

इस अभियान को दो सत्रों में विभाजित किया गया है:

  • प्रथम सत्र (प्रातःकाल): सुबह की पहली किरण के साथ कॉलेज परिसर में सामूहिक योग अभ्यास और प्राणायाम का सत्र आयोजित किया जाता है।

  • द्वितीय सत्र (दोपहर): विद्यार्थियों की बौद्धिक और रचनात्मक क्षमता को निखारने के लिए खेल, व्याख्यान और निबंध लेखन जैसी विभिन्न ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।

महाविद्यालय के शिक्षक और छात्र रहे उपस्थित

इस सफल और गरिमापूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सुनील कुमार शुक्ल ने किया। निबंध प्रतियोगिता और वैचारिक गोष्ठी के इस विशेष अवसर पर कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. एस.पी. मिश्र, डॉ. लवकुश पाण्डेय, डॉ. के.पी. मिश्र सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राएं और शोधार्थी उपस्थित रहे। युवाओं में योग के प्रति यह उत्साह आने वाले दिनों में समाज को स्वास्थ्य के प्रति एक सकारात्मक संदेश देने का काम करेगा।

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