योगी सरकार की बड़ी पहल: कौशल प्रशिक्षण में दिव्यांगजनों को 5% आरक्षण, एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को प्राथमिकता
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के निर्देशन में लिए गए इस निर्णय के अनुसार अब सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के प्रत्येक बैच में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से आरक्षित रहेंगी।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि भारत सरकार के दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों के अनुरूप एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांगजन श्रेणी में शामिल किया गया है। इसी के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास केवल रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का भी सशक्त जरिया है। सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षण और रोजगार के माध्यम से इन महिलाओं को समाज में समान अवसर और नई पहचान दिलाना है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने प्रदेश के सभी जनपदों की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों (DPMU) को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में गठित होने वाले सभी प्रशिक्षण बैचों में आरक्षित सीटों पर पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला प्रोबेशन अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जनपदवार एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं का विवरण तैयार करने और अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों से इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने का आह्वान किया है, ताकि जरूरतमंद महिलाओं और दिव्यांगजनों को अधिकतम लाभ मिल सके।
