जयपुरिया स्कूल में नन्हे विद्यार्थियों ने जीवंत की भारत के पारंपरिक खेलों की विरासत

At Jaipuria School, young students brought the legacy of India’s traditional games to life.
 
कार्यक्रम का शुभारंभ गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन महेश अग्रवाल, विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक तथा मुख्य अतिथि डॉ. अविधा डी. सिंह (गोयल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।  इस विशेष आयोजन में बच्चों ने पिट्ठू, कंचे, गिल्ली-डंडा, लट्टू, खो-खो और कबड्डी जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों का परिचय बेहद रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। अभिनय, संवाद, नृत्य और उत्साह से भरपूर कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय खेल संस्कृति की विविधता और उसकी विशेषताओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।  प्रस्तुति के जरिए बच्चों ने यह संदेश भी दिया कि पारंपरिक खेल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से शारीरिक चुस्ती, एकाग्रता, अनुशासन, टीम भावना, सहयोग और आपसी सद्भाव जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास होता है।  गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन महेश अग्रवाल और मुख्य अतिथि डॉ. अविधा डी. सिंह ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और शानदार प्रयासों की सराहना की। प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक ने कहा कि इस प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारत की समृद्ध पारंपरिक खेल विरासत से जोड़ना और आधुनिक दौर में धीरे-धीरे लोकप्रियता खो रहे इन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।  कार्यक्रम ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को उनके बचपन के सुनहरे दिनों की याद दिलाई। साथ ही यह संदेश दिया कि पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना तथा आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।  नन्हे विद्यार्थियों की इस अनूठी, ज्ञानवर्धक और मनोरंजक प्रस्तुति को उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहा।

लखनऊ, 5 नवंबर 2026। भारत के पारंपरिक खेलों और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से परिचित कराने के उद्देश्य से सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल, गोयल कैंपस में कक्षा 1 एवं 2 के विद्यार्थियों ने ‘भारत के भूले-बिसरे खेल’ विषय पर एक आकर्षक और ज्ञानवर्धक कक्षा प्रस्तुति दी। नन्हे विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों ने जहां उपस्थित लोगों का मन मोह लिया, वहीं सभी को बचपन की पुरानी यादों से भी रूबरू कराया।

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कार्यक्रम का शुभारंभ गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन महेश अग्रवाल, विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक तथा मुख्य अतिथि डॉ. अविधा डी. सिंह (गोयल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

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इस विशेष आयोजन में बच्चों ने पिट्ठू, कंचे, गिल्ली-डंडा, लट्टू, खो-खो और कबड्डी जैसे पारंपरिक भारतीय खेलों का परिचय बेहद रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। अभिनय, संवाद, नृत्य और उत्साह से भरपूर कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय खेल संस्कृति की विविधता और उसकी विशेषताओं को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया।

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प्रस्तुति के जरिए बच्चों ने यह संदेश भी दिया कि पारंपरिक खेल केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से शारीरिक चुस्ती, एकाग्रता, अनुशासन, टीम भावना, सहयोग और आपसी सद्भाव जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास होता है।

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गोयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन महेश अग्रवाल और मुख्य अतिथि डॉ. अविधा डी. सिंह ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और शानदार प्रयासों की सराहना की। प्रधानाचार्या डॉ. रीना पाठक ने कहा कि इस प्रस्तुति का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भारत की समृद्ध पारंपरिक खेल विरासत से जोड़ना और आधुनिक दौर में धीरे-धीरे लोकप्रियता खो रहे इन खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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कार्यक्रम ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को उनके बचपन के सुनहरे दिनों की याद दिलाई। साथ ही यह संदेश दिया कि पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजना तथा आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। नन्हे विद्यार्थियों की इस अनूठी, ज्ञानवर्धक और मनोरंजक प्रस्तुति को उपस्थित अतिथियों एवं दर्शकों ने खूब सराहा।

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