अपराधों पर जीरो टॉलरेंस: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव का सख्त संदेश
Zero tolerance for crimes: Chief Minister Mohan Yadav's stern message in Madhya Pradesh
Wed, 26 Nov 2025
(पवन वर्मा – विभूति फीचर्स)
मध्यप्रदेश में हाल ही में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने राज्य सरकार को कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुलिस मुख्यालय में अचानक पहुंचना और वहाँ अधिकारियों को सख्त निर्देश देना इस बात का स्पष्ट संकेत था कि अब सरकार केवल चेतावनी नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की नीति पर आगे बढ़ रही है।
रायसेन और भोपाल की घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
पिछले दिनों रायसेन और भोपाल में हुई आपराधिक वारदातों ने पुलिस की कार्यकुशलता पर गंभीर सवाल खड़े किए।
रायसेन के गौहरगंज क्षेत्र में 6 वर्ष की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। यह घटना न केवल जिले की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता थी, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी गहरी चोट थी।
यही वह क्षण रहा जब मुख्यमंत्री का धैर्य टूट गया और उन्होंने पुलिस प्रशासन को कड़े संदेश देने में कोई देर नहीं की।
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तुरंत कार्रवाई: रायसेन एसपी हटाए गए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की गंभीरता को देखते हुए रायसेन SP को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।यह फैसला सिर्फ एक अधिकारी का स्थानांतरण भर नहीं, बल्कि पूरे राज्य के पुलिस अधिकारियों को यह चेतावनी है कि—
“सुरक्षा में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को पद छोड़ना पड़ेगा।”
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राजधानी भोपाल पर भी कड़ा रुख
राजधानी में हालिया घटनाओं पर भी मुख्यमंत्री ने तीखी नाराज़गी जताई। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था आदर्श होनी चाहिए। यह पूरे प्रदेश की सुरक्षा का पैमाना है, लापरवाही का प्रतीक नहीं।”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अपराध रोकना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है; केवल घटनाओं के बाद की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
पुलिस तंत्र को मिली चेतावनी
मुख्यमंत्री के निर्देशों में यह संदेश साफ था कि—
अपराध रोकथाम पर जोर बढ़ाना होगा।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं।
जमीनी स्तर पर परिणाम दिखने चाहिए, केवल आंकड़ों से काम नहीं चलेगा।
संगठित अपराध और बढ़ती घटनाओं पर सीधे CM स्तर से निगरानी होगी।
रायसेन जैसी घटनाएं यह प्रश्न खड़ा करती हैं कि छोटे जिलों में अपराधियों को अवसर कैसे मिल रहा है और निगरानी व्यवस्था कहाँ कमजोर पड़ रही है।
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राजनीतिक जोखिम उठाने को तैयार मुख्यमंत्री
डॉ. मोहन यादव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर वे सख्त निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेंगे। प्रशासनिक फेरबदल हो या पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही—मुख्यमंत्री का यह कदम दर्शाता है कि “जीरो टॉलरेंस” अब केवल नारा नहीं, बल्कि शासन का मूल सिद्धांत होगा।
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जनता की उम्मीदें और आगे की राह
प्रदेश की जनता चाहती है कि संवेदनशीलता केवल बयानों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर महसूस हो। रायसेन की बच्ची की दर्दनाक घटना ने जहाँ समाज को झकझोरा, वहीं मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई ने पुलिस महकमे को भी जागरूक किया है।
यह चेतावनी तभी सार्थक होगी जब हर जिले में अपराधियों के मन में यह भय पैदा हो कि—
“इस सरकार में अपराध की सोच भी दंडनीय है।”

