आंचलिक विज्ञान नगरी ने मनाई 37वीं वर्षगांठ, प्रतियोगिताओं में 800 से अधिक बच्चों ने लिया हिस्सा

पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुआ वर्षगांठ समारोह, क्विज और पोस्टर मेकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन
 
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लखनऊ। राजधानी के अलीगंज स्थित आंचलिक विज्ञान नगरी की 37वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। 7 सितंबर से 21 सितंबर तक चले इस आयोजन में स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न विज्ञान आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें लखनऊ के विभिन्न विद्यालयों के 800 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता विद्यार्थियों को परियोजना समन्वयक स्वरूप मंडल ने पुरस्कार, प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

37 वर्षों से बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित कर रही विज्ञान नगरी

इस अवसर पर परियोजना समन्वयक स्वरूप मंडल ने कहा कि आंचलिक विज्ञान नगरी पिछले 37 वर्षों से अपने वैज्ञानिक कार्यक्रमों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है और विज्ञान नगरी इसी उद्देश्य के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि दूर-दराज के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के बच्चों तक विज्ञान की जानकारी पहुंचाने के लिए विज्ञान नगरी के पास दो मोबाइल बसें हैं। ये मोबाइल विज्ञान बसें समय-समय पर गांवों और कस्बों में जाकर बच्चों को विज्ञान से जोड़ने तथा उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा विकसित करने का प्रयास करती हैं।

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क्विज और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के साथ हुआ आकाश दर्शन

पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विज्ञान नगरी के शिक्षा अधिकारी विकास ने बताया कि 37वीं वर्षगांठ के तहत स्कूली विद्यार्थियों के लिए क्विज और पोस्टर मेकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को विज्ञान के प्रति रचनात्मक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया।उन्होंने बताया कि आमजन के लिए भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें टेलीस्कोप के माध्यम से आकाश दर्शन प्रमुख रहा। इसके अलावा लोगों ने विज्ञान नगरी में 3-डी शो, साइमैक्स तथा विभिन्न वैज्ञानिक प्रदर्शों से सुसज्जित गैलरी का भी अवलोकन किया।

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आंचलिक विज्ञान केंद्र से विज्ञान नगरी तक 37 वर्षों का सफर

शिक्षा अधिकारी विकास ने बताया कि 7 सितंबर 1989 को आंचलिक विज्ञान केंद्र की स्थापना हुई थी। इसके बाद 21 सितंबर 2007 को केंद्र का उच्चीकरण कर इसे आंचलिक विज्ञान नगरी के रूप में लोकार्पित किया गया। तब से विज्ञान नगरी में उपलब्ध सुविधाओं और वैज्ञानिक गतिविधियों का लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्षगांठ समारोह के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों ने बच्चों, शिक्षकों और आमजन को विज्ञान से जोड़ने के साथ वैज्ञानिक जिज्ञासा एवं सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया।

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