IPL में शानदार प्रदर्शन का मिला बड़ा मौका, हैम्पशायर के लिए वनडे कप खेलेंगे आशुतोष शर्मा
IPL में फिनिशर के रूप में बनाई अलग पहचान
27 वर्षीय आशुतोष शर्मा ने पिछले दो आईपीएल सीजन में दिल्ली कैपिटल्स के लिए कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और मैच खत्म करने की क्षमता के दम पर उन्होंने खुद को लीग के भरोसेमंद फिनिशरों में शामिल किया। इस दौरान उन्होंने 375 से अधिक रन बनाए, उनका औसत 31 से ऊपर और स्ट्राइक रेट लगभग 170 रहा।
दिल्ली कैपिटल्स और हैम्पशायर दोनों ही GMR समूह के स्वामित्व में हैं, ऐसे में यह करार दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारतीय टी20 क्रिकेट में दर्ज है खास रिकॉर्ड
आशुतोष शर्मा के नाम भारतीय टी20 क्रिकेट का एक अनोखा रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने 2023 के सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में रेलवे की ओर से खेलते हुए अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ महज 11 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। यह किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा घरेलू टी20 क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी में से एक मानी जाती है और उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी का बेहतरीन उदाहरण है।
हैम्पशायर ने जताया भरोसा
हैम्पशायर के क्रिकेट निदेशक गाइल्स व्हाइट ने आशुतोष के टीम से जुड़ने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह एक प्रतिभाशाली और आक्रामक खिलाड़ी हैं, जिन्होंने आईपीएल में लगातार प्रभावित किया है। उनके अनुसार, बड़े मुकाबलों का अनुभव टीम के लिए काफी उपयोगी साबित होगा और उनसे वनडे कप में अहम योगदान की उम्मीद है।
घरेलू क्रिकेट में भी रहा प्रभावशाली प्रदर्शन
घरेलू क्रिकेट में आशुतोष शर्मा का रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है। उन्होंने लिस्ट-ए क्रिकेट में 21 मुकाबलों में 458 रन बनाए हैं। वर्ष 2017 में मध्य प्रदेश से अपने घरेलू करियर की शुरुआत करने वाले आशुतोष अब रेलवे की ओर से खेलते हैं। अब तक वह तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 90 से अधिक घरेलू मैचों में हिस्सा ले चुके हैं।
पंजाब किंग्स से शुरू हुआ IPL सफर
आशुतोष ने आईपीएल में अपने करियर की शुरुआत पंजाब किंग्स के साथ की थी। इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में डेब्यू करते हुए उन्होंने 17 गेंदों पर 31 रनों की तेज पारी खेलकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें आईपीएल 2025 की नीलामी में 3.80 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया।
अब इंग्लैंड के वनडे कप में शानदार प्रदर्शन कर आशुतोष शर्मा की नजरें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी दावेदारी को और मजबूत करने पर होंगी। यदि वह काउंटी क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ने में सफल रहते हैं, तो भारतीय टीम के चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर और अधिक आकर्षित हो सकता है.
