अक्षर पटेल ने T20 क्रिकेट में रचा इतिहास, 300 विकेट और 3000 रन बनाने वाले पहले भारतीय ऑलराउंडर बने
भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने टी20 क्रिकेट में एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली है। 30 अक्टूबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए चौथे टी20 मुकाबले में फिन एलन का विकेट लेते ही उन्होंने इस फॉर्मेट में 300 विकेट पूरे कर लिए। इसके साथ ही अक्षर टी20 क्रिकेट में 3000 से अधिक रन और 300 विकेट हासिल करने वाले पहले भारतीय ऑलराउंडर बन गए हैं।
हालांकि, अक्षर के लिए यह मुकाबला बल्लेबाजी के लिहाज से खास नहीं रहा और भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के हाथों 87 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पांच मैचों की सीरीज में भारत 3-1 से आगे बना हुआ है। शुरुआती तीनों मुकाबलों में भारतीय टीम ने जीत दर्ज की थी।
राशिद खान और सुनील नरेन जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हुए अक्षर
टी20 क्रिकेट में 300 विकेट और 3000 से ज्यादा रन बनाने की उपलब्धि हासिल करना किसी भी ऑलराउंडर के लिए बड़ी बात है। अक्षर पटेल अब उन चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने इस आंकड़े को छुआ है। इस सूची में राशिद खान, सुनील नरेन और आंद्रे रसेल जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी शामिल हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अक्षर ने 345 टी20 मुकाबलों में 300 विकेट हासिल किए हैं। बल्लेबाजी में उनके नाम 3818 रन दर्ज हैं। उन्होंने 21.94 के औसत और 134.43 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। उनके खाते में नौ अर्धशतक भी हैं।
चौथे टी20 में बल्ले से नहीं चला अक्षर का कमाल
न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मैच में अक्षर पटेल बल्लेबाजी में प्रभाव नहीं छोड़ सके। वह केवल सात रन बनाकर कप्तान मिचेल सैंटनर की गेंद पर आउट हो गए। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किया।
ग्लेन फिलिप्स ने 49 गेंदों पर 107 रन की शानदार पारी खेली, जबकि माइकल ब्रेसवेल ने महज 25 गेंदों में 65 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने पांचवें विकेट के लिए 115 रनों की तेज साझेदारी कर न्यूजीलैंड को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। मेहमान टीम ने सात विकेट पर 259 रन बनाए।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट गंवाकर 172 रन ही बना सकी। इस तरह न्यूजीलैंड ने मुकाबला 87 रन से अपने नाम किया। हार के बावजूद भारतीय टीम सीरीज में 3-1 की बढ़त बनाए हुए है।अक्षर पटेल की यह उपलब्धि उनके लंबे टी20 करियर में गेंद और बल्ले से दिए गए योगदान को दर्शाती है। भारतीय क्रिकेट के लिए यह एक उल्लेखनीय व्यक्तिगत रिकॉर्ड है।
