Babar Azam Back as Pakistan Test Captain : 3 साल बाद बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, पीसीबी ने बताया क्यों छिनी शान मसूद की कुर्सी
Babar Azam Back as Pakistan Test Captain: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने एक बार फिर बड़ा और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए टेस्ट टीम की कमान में बड़ा फेरबदल किया है। लगातार मिल रही हार और खराब प्रदर्शन के बाद शान मसूद को टेस्ट कप्तानी के पद से बर्खास्त कर दिया गया है। उनकी जगह पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम की करीब 3 साल बाद टेस्ट कप्तान के तौर पर वापसी हुई है।
पीसीबी ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के आगामी दौरों के लिए टीम का ऐलान करते हुए बाबर आजम को दोबारा टेस्ट टीम का नेतृत्व सौंपने की आधिकारिक घोषणा की। इससे पहले बाबर ने खराब दौर से गुजरने के बाद सभी फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था।
आखिर क्यों हटाए गए शान मसूद? पीसीबी ने खोला राज
शान मसूद को अचानक पद से हटाए जाने को लेकर क्रिकेट गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे थे, जिस पर अब पीसीबी के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने खुलकर बड़ी वजह बताई है। आकिब जावेद के अनुसार, शान मसूद के नेतृत्व में टीम कई ऐसे मुकाबले हार गई जो पूरी तरह से पाकिस्तान के नियंत्रण में थे।
कप्तान अहम मौकों पर मैच को जीत में तब्दील करने (Finishing Matches) में पूरी तरह नाकाम रहे।आकिब जावेद का बड़ा बयान: "शान की कप्तानी में हमने कई करीबी मैच खेले, लेकिन रणनीतिक तौर पर बड़ी कमियां दिखीं। साउथ अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन टेस्ट में विपक्षी टीम के निचले क्रम के बल्लेबाजों ने 60-70 रनों की साझेदारी कर मैच छीन लिया। वहीं मुल्तान में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट में हमारी टीम आसानी से ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। एक कप्तान की जिम्मेदारी सिर्फ टीम को लीड करना नहीं, बल्कि सही समय पर सही फैसले (जैसे DRS का उपयोग, टॉस का निर्णय और स्लो ओवर रेट संभालना) लेकर मैच जिताना भी है।"
आंकड़ों में भी शान मसूद पर भारी पड़े बाबर आजम
कप्तानी में इस बदलाव के पीछे दोनों खिलाड़ियों के कप्तानी रिकॉर्ड्स और आंकड़े भी एक बड़ी वजह रहे हैं:
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शान मसूद का रिकॉर्ड: मसूद की अगुवाई में पाकिस्तान ने कुल 12 टेस्ट मैच खेले, जिसमें टीम को केवल 4 मैचों में जीत नसीब हुई, जबकि 8 मैचों में शिकस्त झेलनी पड़ी।
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बाबर आजम का रिकॉर्ड: दूसरी तरफ, बाबर आजम ने अपने पिछले कार्यकाल में 20 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान की कप्तानी की थी, जिसमें से टीम ने 10 मुकाबलों में शानदार जीत दर्ज की थी और 4 मैच ड्रॉ रहे थे।
बाबर आजम के सामने अब दो बड़ी और कठिन चुनौतियाँ
दोबारा टेस्ट टीम की कमान संभालते ही बाबर आजम के सामने अब विदेशी सरजमीं पर पाकिस्तान को जिताने का कड़ा इम्तिहान होगा:
1. वेस्टइंडीज का दौरा (2 टेस्ट मैच)
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पहला टेस्ट: 25 से 30 जुलाई (ब्रायन लारा स्टेडियम, त्रिनिदाद)
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दूसरा टेस्ट: 2 से 7 अगस्त (क्वींस पार्क ओवल)
2. इंग्लैंड का दौरा (3 टेस्ट मैच)
वेस्टइंडीज के तुरंत बाद पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के खिलाफ उसकी सरजमीं पर 3 टेस्ट मैचों की बेहद कठिन सीरीज खेलेगी।
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पहला टेस्ट: 19 से 23 अगस्त (हेडिंग्ले)
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दूसरा टेस्ट: 27 से 31 अगस्त (लॉर्ड्स)
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तीसरा टेस्ट: एजबेस्टन
क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इंग्लैंड का यह दौरा कप्तान के तौर पर बाबर आजम की असली परीक्षा होगा, जहाँ उनकी रणनीतियों और फॉर्म पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहेंगी।
