द हंड्रेड में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक? आईपीएल से जुड़ी फ्रेंचाइजियों का बड़ा फैसला
इंग्लैंड की चर्चित टी20 लीग The Hundred के आगामी सीजन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस लीग की चार फ्रेंचाइजियां—जिनमें आंशिक स्वामित्व इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीमों का है—पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने स्क्वॉड में शामिल नहीं करेंगी।
द हंड्रेड में जिन टीमों के मालिक भारतीय कारोबारी समूह हैं, उनमें मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स शामिल हैं। इन फ्रेंचाइजियों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी क्रिकेटरों पर बोली न लगाने का निर्णय लिया है।
मार्च में होगा दो दिवसीय ऑक्शन
द हंड्रेड के नए सीजन के लिए 11 और 12 मार्च को लंदन में खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की जाएगी।
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11 मार्च: महिला खिलाड़ियों का ऑक्शन
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12 मार्च: पुरुष खिलाड़ियों का ऑक्शन
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, करीब 18 देशों के लगभग 1000 क्रिकेटरों को नीलामी सूची में शामिल किया गया है, जिनमें पाकिस्तानी खिलाड़ी भी हैं। हालांकि, आईपीएल से जुड़ी चारों फ्रेंचाइजियों के इन खिलाड़ियों पर बोली न लगाने की संभावना जताई जा रही है।
ईसीबी अधिकारी का बयान
England and Wales Cricket Board (ECB) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में संकेत दिया है कि आईपीएल से संबद्ध टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से बचेंगी। इससे पहले, ईसीबी के कार्यकारी अध्यक्ष Richard Gould से पूछा गया था कि भारतीय निवेश के बाद क्या पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लीग में खेलने की अनुमति होगी? उस समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि राष्ट्रीयता के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा।
गौरतलब है कि मेंस द हंड्रेड में पहले Mohammad Amir, Imad Wasim, Shaheen Afridi, Shadab Khan और Haris Rauf जैसे खिलाड़ी हिस्सा ले चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी सीजन में इन खिलाड़ियों को कौन-सी टीमें खरीदती हैं।
भारत-पाक संबंधों का असर लीग क्रिकेट पर
पिछले कुछ वर्षों से भारत और पाकिस्तान के राजनीतिक संबंधों में तनाव बना हुआ है। दोनों देशों की टीमें आमतौर पर सिर्फ एशिया कप या आईसीसी टूर्नामेंट्स में आमने-सामने होती हैं। यही वजह है कि आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों की भागीदारी नहीं होती।
इतना ही नहीं, आईपीएल स्वामित्व वाली टीमें अन्य विदेशी लीग जैसे SA20, CPL और ILT20 में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चुनने से परहेज करती रही हैं। उदाहरण के तौर पर ILT20 में अमेरिकी स्वामित्व वाली डेजर्ट वाइपर्स ने ही पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका दिया है। आगामी ऑक्शन में क्या तस्वीर बनती है, इस पर क्रिकेट जगत की नजरें टिकी रहेंगी।
