BAN vs PAK: मुशफिकुर रहीम ने ठोका शानदार शतक, फिर मैदान पर बीच मैच में पाकिस्तानी कप्तान से भिड़े और अपने ही हेलमेट को मार दी लात
मुशफिकुर रहीम का 14वां टेस्ट शतक, बांग्लादेश मजबूत
सिलहट टेस्ट के तीसरे दिन बांग्लादेश ने मैच पर अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर ली है। टीम को इस मजबूत स्थिति में पहुँचाने का श्रेय 39 वर्षीय दिग्गज बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम को जाता है, जिन्होंने अपनी दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट क्रिकेट करियर का 14वां शतक पूरा किया। पिछले टेस्ट मैच में वे शतक के बेहद करीब आकर चूक गए थे, लेकिन इस बार उन्होंने कोई गलती नहीं की और 100 रनों का आंकड़ा पार करके ही दम लिया। हालांकि, इस शानदार पारी के अलावा मुशफिकुर अपनी अन्य हरकतों के कारण चर्चा का विषय बन गए हैं।
Built on class and consistency 💪Mushfiqur Rahim among the finest in Tests. Celebrates in style pic.twitter.com/DN6067jYjc
— Bangladesh Cricket (@BCBtigers) May 18, 2026
शतक से ठीक पहले पाकिस्तानी कप्तान शान मसूद से तीखी नोकझोंक
मैदान पर ड्रामा तब शुरू हुआ जब मुशफिकुर रहीम अपने शतक के बेहद करीब थे और 89 रनों के व्यक्तिगत स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर मुशफिकुर और पाकिस्तानी कप्तान शान मसूद के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह विवाद काफी देर तक चलता रहा, जिसके बाद मैदानी अंपायरों को बीच-बचाव करने के लिए आगे आना पड़ा। अंपायर के हस्तक्षेप के बाद भी पाकिस्तानी कप्तान शांत नहीं हुए और वे बार-बार मुशफिकुर के पास जाकर कुछ न कुछ टिप्पणी करते दिखे। हालांकि, इस विवाद की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है।
आउट होने के बाद गुस्से में अपने ही हेलमेट को मारी लात
शान मसूद से हुई बहस का गुस्सा मुशफिकुर के सिर चढ़कर बोल रहा था। शतक पूरा करने के बाद उन्होंने टीम के स्कोर को 400 रनों के करीब पहुँचाया। आखिरकार, वे 137 रनों की बेहतरीन पारी खेलकर बांग्लादेश के आखिरी विकेट के रूप में आउट हुए। जब वे पवेलियन लौट रहे थे, तो पूरा स्टेडियम और उनके साथी खिलाड़ी तालियां बजाकर उनका अभिवादन कर रहे थे।
लेकिन जैसे ही मुशफिकुर ने बाउंड्री लाइन पार की, उन्होंने गुस्से में अपना हेलमेट जमीन पर उतारा और उसे जोर से लात मार दी। इस हैरान करने वाले नजारे को जिसने भी देखा वह दंग रह गया। मुशफिकुर ने इस कदर गुस्सा क्यों निकाला, इसका कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन खेल भावना के विपरीत की गई इस हरकत के लिए उन पर आईसीसी (ICC) द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई और मैच फीस की कटौती होना लगभग तय माना जा रहा है।
