भुवनेश्वर कुमार का ऐतिहासिक कीर्तिमान: टी20 क्रिकेट में 350 विकेट लेने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बने

Bhuvneshwar Kumar's Historic Milestone: Becomes the First Indian Fast Bowler to Take 350 Wickets in T20 Cricket.
 
Bhuvneshwar Kumar
Gujarat Titans vs Royal Challengers Bengaluru, 42nd Match, Indian Premier League 2026 -   रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) भले ही गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपना मुकाबला हार गई हो, लेकिन टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने इतिहास रच दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के 42वें मैच में भुवी ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की, जहाँ आज तक कोई भी भारतीय तेज गेंदबाज नहीं पहुँच सका था।

350 विकेटों का शिखर छूने वाले पहले भारतीय पेसर

गुजरात टाइटंस के खिलाफ धारदार गेंदबाजी करते हुए भुवनेश्वर कुमार ने अपने 4 ओवरों के स्पेल में केवल 28 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। इन विकेटों के साथ ही उन्होंने टी20 क्रिकेट में 352 विकेट पूरे कर लिए हैं। वह टी20 प्रारूप में 350 विकेटों का आंकड़ा पार करने वाले भारत के पहले तेज गेंदबाज बन गए हैं।

भुवनेश्वर कुमार का टी20 करियर एक नजर में:

  • मैच: 325

  • विकेट: 352

  • औसत: 24.51

  • इकॉनमी रेट: 7.35

पर्पल कैप की दौड़ में सबसे आगे

आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर कुमार का स्पेल विपक्षी बल्लेबाजों के लिए पहेली बना हुआ है। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने एक बार फिर पर्पल कैप (Purple Cap) पर अपना कब्जा जमा लिया है। इस सीजन में अब तक खेले 9 मैचों में भुवी ने 15.52 की बेहतरीन औसत से 17 विकेट चटकाए हैं।

टी20 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज

भारतीय खिलाड़ियों की सूची में भुवनेश्वर अब केवल दिग्गज स्पिनर युजवेंद्र चहल से पीछे हैं। टी20 में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले टॉप-4 भारतीय गेंदबाज इस प्रकार हैं:

  1. युजवेंद्र चहल: 391 विकेट (लेग स्पिनर)

  2. भुवनेश्वर कुमार: 352 विकेट (तेज गेंदबाज)

  3. जसप्रीत बुमराह: 347 विकेट (तेज गेंदबाज)

  4. पीयूष चावला: 327 विकेट (लेग स्पिनर)

उल्लेखनीय है कि जसप्रीत बुमराह (347 विकेट) भी इस रिकॉर्ड के करीब हैं, लेकिन मौजूदा सीजन में उनके फॉर्म में उतार-चढ़ाव के कारण भुवी उनसे आगे निकलने में सफल रहे हैं। भुवनेश्वर की यह उपलब्धि दर्शाती है कि अनुभव और स्विंग गेंदबाजी की धार आज भी खेल के सबसे छोटे प्रारूप में उतनी ही प्रभावी है।

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