Commonwealth Games: किसने दिलाया था भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला गोल्ड? 46.71 सेकंड में रचा गया था इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रोमांच एक बार फिर दस्तक देने जा रहा है। इस बार इस प्रतिष्ठित बहु-खेल आयोजन की मेजबानी स्कॉटलैंड का खूबसूरत शहर ग्लासगो कर रहा है।
1934 के लंदन राष्ट्रमंडल खेलों से लेकर 2022 के बर्मिंघम खेलों तक, भारत का सफर बेहद शानदार और ऐतिहासिक रहा है। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में अब तक कुल 564 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 203 स्वर्ण (Gold), 190 रजत (Silver) और 171 कांस्य (Bronze) मेडल शामिल हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कॉमनवेल्थ गेम्स के मंच पर भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक किसने और कब जीता था?
24 साल का लंबा इंतजार और 'फ्लाइंग सिख' का ऐतिहासिक प्रदर्शन
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का मेडल का खाता 1934 के डेब्यू गेम्स में ही खुल गया था, जब पहलवान राशिद अनवर ने कुश्ती में भारत को पहला सिल्वर मेडल दिलाया था। हालांकि, भारत को अपने पहले गोल्ड मेडल का स्वाद चखने के लिए 24 वर्षों का लंबा इंतजार करना पड़ा।
इस लंबे इंतजार को खत्म किया भारत के महान धावक मिल्खा सिंह (फ्लाइंग सिख) ने।
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वर्ष और स्थान: 1958, कार्डिफ (वेल्स) कॉमनवेल्थ गेम्स
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स्पर्धा: 440 गज की दौड़ (440 Yards Race)
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समय: मात्र 46.71 सेकंड
दक्षिण अफ्रीकी दिग्गज को पछाड़कर रचा इतिहास
कार्डिफ के ट्रैक पर मिल्खा सिंह ने अद्भुत गति, अनुशासन और स्टैमिना का परिचय देते हुए 440 गज की दौड़ महज 46.71 सेकंड में पूरी की। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज एथलीट मैलकम क्लाइव स्पेंस को कड़े मुकाबले में पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया और इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया।
जब कार्डिफ के मैदान पर भारत का राष्ट्रध्वज 'तिरंगा' लहराया और राष्ट्रगान की धुन गूंजी, तो पूरा देश गर्व से सराबोर हो उठा।
भारतीय एथलेटिक्स का स्वर्णिम अध्याय
मिल्खा सिंह की यह ऐतिहासिक जीत केवल एक पदक तक सीमित नहीं थी; इसने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय एथलेटिक्स की क्षमता का लोहा मनवाया। इसी ऐतिहासिक दौड़ के बाद उनके स्वर्णिम करियर ने वह उड़ान भरी, जिसने आने वाली कई पीढ़ियों को खेलों के प्रति प्रेरित किया।
मिल्खा सिंह का परिचय और उपलब्धियां
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जन्म: 20 नवंबर 1929 (गोविंदपुरा, अविभाजित पंजाब — वर्तमान में पाकिस्तान)।
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एशियाई खेल (Asian Games): एशियाई खेलों में भारत के लिए 4 स्वर्ण पदक जीते।
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राष्ट्रमंडल खेल (CWG): 1958 में भारत को एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
मिल्खा सिंह आज भी भारतीय खेल जगत के सबसे चमकते और अमर सितारों में से एक हैं, जिनकी विरासत हर खेल प्रेमी के दिल में जीवित है।
