CSK vs KKR IPL 2026 : मैदान पर काली पट्टी बांधकर क्यों उतरे खिलाड़ी?

CSK vs KKR IPL 2026: Why Did the Players Take the Field Wearing Black Armbands?
 
SDFSD
Chennai Super Kings vs Kolkata Knight Riders, 22nd Match, Indian Premier League 2026 -   आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में जब चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स की टीमें मैदान पर उतरीं, तो एक विशेष दृश्य ने सबका ध्यान खींचा। दोनों टीमों के खिलाड़ी अपने हाथों पर काली पट्टी (Black Armband) बांधे हुए थे। क्रिकेट प्रेमियों के मन में उठ रहे सवालों का जवाब कमेंट्री के दौरान रवि शास्त्री ने दिया। दरअसल, यह भारतीय क्रिकेट के भीष्म पितामह कहे जाने वाले सी.डी. गोपीनाथ को दी गई एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि थी।

96 वर्ष की आयु में हुआ निधन

भारतीय क्रिकेट के शुरुआती सुनहरे दौर के गवाह रहे सी.डी. गोपीनाथ का हाल ही में 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके सम्मान में न केवल खिलाड़ियों ने काली पट्टी बांधी, बल्कि केकेआर प्रबंधन ने भी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि करते हुए उनके योगदान को नमन किया।

कौन थे सी.डी. गोपीनाथ? भारतीय क्रिकेट का एक अमूल्य सितारा

सी.डी. गोपीनाथ का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास के उन पन्नों में दर्ज है, जहाँ से टीम इंडिया ने जीतना सीखा था। उनका करियर और योगदान निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:

  • ऐतिहासिक जीत का हिस्सा: वह उस महान भारतीय टीम के सदस्य थे, जिसने 1952 में चेन्नई में इंग्लैंड को हराकर भारत को उसकी पहली टेस्ट जीत दिलाई थी।

  • शानदार पदार्पण: उन्होंने 1951 से 1960 के बीच भारत के लिए 8 टेस्ट मैच खेले। अपने पहले ही टेस्ट में इंग्लैंड के विरुद्ध नाबाद 50 और 42 रनों की यादगार पारियां खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

  • घरेलू क्रिकेट के नायक: तमिलनाडु (तत्कालीन मद्रास) टीम के कप्तान के रूप में उन्होंने 1954-55 में टीम को पहली रणजी ट्रॉफी जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • बहुमुखी योगदान: संन्यास के बाद वे नेशनल सिलेक्टर रहे और 1979 के इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई।

BCCI ने प्रकट की गहरी संवेदना

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनके निधन को एक युग का अंत बताया है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने अपने बयान में कहा सी.डी. गोपीनाथ उस पीढ़ी के प्रतिनिधि थे, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की नींव रखी। भारत की पहली टेस्ट जीत में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। बीसीसीआई उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है।"

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