Ellyse Perry Record: एलिस पेरी ने फाइनल में कदम रखते ही रचा इतिहास, इस दिग्गज ऑस्ट्रेलियाई कप्तान के स्पेशल क्लब में हुईं शामिल
Ellyse Perry Most T20 World Cup Finals: लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर एलिस पेरी (Ellyse Perry) ने मैदान पर कदम रखते ही क्रिकेट इतिहास का एक और बड़ा और दुर्लभ कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।
पेरी अब वूमेन्स टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा बार फाइनल मुकाबला खेलने वाली दुनिया की संयुक्त रूप से नंबर-1 खिलाड़ी बन गई हैं। इंग्लैंड के खिलाफ यह उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का 7वां वर्ल्ड कप फाइनल था।
पूर्व दिग्गज कप्तान एलिसा हीली के रिकॉर्ड की बराबरी
इस खिताबी मुकाबले में उतरने के साथ ही एलिस पेरी ने अपनी ही देश की पूर्व कप्तान और महान विकेटकीपर-बल्लेबाज एलिसा हीली (Alyssa Healy) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। एलिसा हीली ने भी अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान रिकॉर्ड 7 बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच खेलने का गौरव हासिल किया था। अब पेरी भी हीली के इस बेहद खास और प्रतिष्ठित क्लब में शामिल हो चुकी हैं।
वूमेन्स T20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा फाइनल खेलने वाली खिलाड़ी:
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एलिसा हीली (ऑस्ट्रेलिया) 🇦🇺 – 7 बार
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एलिस पेरी (ऑस्ट्रेलिया) 🇦🇺 – 7 बार
क्या यह था एलिस पेरी का आखिरी वर्ल्ड कप?
एलिस पेरी पिछले करीब डेढ़ दशक से ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट की सबसे मजबूत रीढ़ रही हैं। बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, उन्होंने हर बड़े मौके पर टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन किया है। हालांकि, 35 वर्षीय पेरी के क्रिकेट भविष्य और संन्यास को लेकर पिछले कुछ समय से गलियारों में लगातार चर्चाएं गर्म हैं।
उनकी बढ़ती उम्र और फिटनेस को देखते हुए खेल समीक्षकों का मानना है कि साल 2026 का यह टूर्नामेंट उनके करियर का आखिरी टी20 वर्ल्ड कप हो सकता है। ऐसे में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर मिला यह सातवां फाइनल और खिताबी जीत उनके सुनहरे और यादगार करियर के लिए सबसे बेहतरीन विदाई की तरह है।
फाइनल में अजेय रहा है ऑस्ट्रेलिया का इतिहास
टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कंगारू टीम का रिकॉर्ड हमेशा से ही बेहद खौफनाक रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक खेले गए फाइनल मुकाबलों में से सिर्फ एक बार (साल 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ) हार का स्वाद चखा है। इसके अलावा जब-जब फाइनल में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत हुई है, तब-तब ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ही बाजी मारी है और इस बार भी लॉर्ड्स में उन्होंने इस सिलसिले को बरकरार रखा।
