बांग्लादेश क्रिकेट में घमासान: निदेशक नजमुल इस्लाम के बयान से खिलाड़ी भड़के, BPL मुकाबले खतरे में
Bangladesh cricket : पिछले कुछ हफ्तों से बांग्लादेश क्रिकेट विवादों के घेरे में बना हुआ है। हालात उस वक्त और बिगड़ गए, जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। यह फैसला ऐसे समय आया, जब देश में नाराजगी के बीच BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) से मुस्ताफिजुर रहमान को रिलीज करने को कहा था।
हालांकि विवाद यहीं नहीं थमा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के निदेशक नजमुल इस्लाम के हालिया बयानों ने क्रिकेट जगत में भूचाल ला दिया है। उनके बयानों से आहत होकर बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने सभी क्रिकेट गतिविधियों के बहिष्कार की चेतावनी देते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर दी है।
BPL मुकाबले भी संदेह में
मौजूदा हालात को देखते हुए 15 जनवरी को खेले जाने वाले बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) के मुकाबलों का आयोजन भी खतरे में पड़ गया है। दरअसल, खिलाड़ी उस बयान से बेहद नाराज हैं, जिसमें नजमुल इस्लाम ने पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को “भारतीय एजेंट” करार दिया था। तमीम इकबाल ने हाल ही में बोर्ड से बांग्लादेश क्रिकेट के हित में फैसला लेने की अपील की थी।इतना ही नहीं, नजमुल इस्लाम ने यह भी कहा कि अगर बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप से हटता है, तो इससे बोर्ड को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा, बल्कि नुकसान खिलाड़ियों को उठाना पड़ेगा क्योंकि उन्हें मैच फीस नहीं मिलेगी।
खिलाड़ियों का फूटा गुस्सा
इन बयानों को बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने अपमानजनक और अस्वीकार्य बताया है। क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ बांग्लादेश (CWAB) के अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन ने साफ चेतावनी दी कि यदि नजमुल इस्लाम ने इस्तीफा नहीं दिया, तो खिलाड़ी मैदान पर नहीं उतरेंगे।
मिथुन ने कहा बोर्ड के एक निदेशक द्वारा खिलाड़ियों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। इससे पूरे क्रिकेट समुदाय को गहरा आघात पहुंचा है। यदि कल के मैच से पहले उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, तो हम सभी क्रिकेट गतिविधियों का बहिष्कार करेंगे।”
नजमुल इस्लाम के विवादित बयान
नजमुल इस्लाम ने कहा था कि वर्ल्ड कप न खेलने से बोर्ड को न तो कोई फायदा होगा और न ही नुकसान। नुकसान केवल खिलाड़ियों को होगा, क्योंकि मैच फीस उन्हीं की होती है। जब उनसे पूछा गया कि टीम के हटने पर खिलाड़ियों को मुआवजा मिलेगा या नहीं, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा हम मुआवजा क्यों दें? बोर्ड खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च करता है। क्या खराब प्रदर्शन पर हम उनसे पैसे वापस मांगते हैं?”
BCB ने बनाई दूरी
इस पूरे विवाद के बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने नजमुल इस्लाम के बयानों से खुद को अलग कर लिया है। बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि ये बयान BCB के नहीं हैं और न ही वे बोर्ड के मूल्यों व सिद्धांतों को दर्शाते हैं।
BCB ने स्पष्ट किया हम खिलाड़ियों का पूरा सम्मान करते हैं और उनके योगदान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। किसी भी खिलाड़ी का अपमान करने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।” बढ़ते विवाद और खिलाड़ियों के संभावित बहिष्कार के चलते अब बांग्लादेश क्रिकेट के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है, जिसका असर आने वाले घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों पर पड़ सकता है।
