FIH Men's Hockey World Cup 2026: स्पेन को 1-0 से हराकर जर्मनी चौथी बार बना वर्ल्ड चैंपियन, पाकिस्तान के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी
Germany Wins Men's Hockey World Cup: बेल्जियम के वावरे में खेले गए एफआईएच पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में जर्मनी ने स्पेन को 1-0 से हराकर विश्व कप की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। माइकल स्ट्रुथॉफ द्वारा 44वें मिनट में दागा गया एकमात्र गोल जर्मनी के लिए निर्णायक साबित हुआ।
इस जीत के साथ ही जर्मनी ने पुरुष हॉकी विश्व कप के इतिहास में सर्वाधिक 4 बार खिताब जीतने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
फाइनल मुकाबला शुरुआत से ही बेहद रोमांचक रहा। पहले हाफ में दोनों टीमों ने गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। पहले 15 मिनट में जर्मनी और स्पेन को एक-एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर दोनों ही टीमें उसे गोल में तब्दील नहीं कर सकीं।
44वें मिनट में स्ट्रुथॉफ ने दिलाई बढ़त
तीसरे क्वार्टर में स्पेन ने आक्रामक रुख अपनाते हुए जर्मनी पर लगातार दबाव बनाया। स्पेन ने इस दौरान जर्मनी के गोल पर कई हमले किए, लेकिन जर्मन डिफेंस ने हर बार खतरे को टाल दिया।मैच का निर्णायक क्षण 44वें मिनट में आया। जर्मनी ने दोनों फ्लैंक के बीच बेहतरीन तालमेल बनाकर हमला तैयार किया और दाईं ओर से मिले पास को माइकल स्ट्रुथॉफ ने गोल में पहुंचाकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इसके बाद स्पेन ने बराबरी के लिए पूरी ताकत लगा दी। अंतिम पलों में स्पेन ने अपने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी के साथ आक्रामक रणनीति अपनाई, लेकिन जर्मनी की मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में कामयाब नहीं हो सका।
चार खिताब के साथ पाकिस्तान की बराबरी
जर्मनी का यह चौथा हॉकी वर्ल्ड कप खिताब है। इससे पहले उसने 2002, 2006 और 2023 में विश्व कप ट्रॉफी जीती थी। इस खिताब के साथ जर्मनी ने पाकिस्तान की बराबरी कर ली है, जिसने 1971, 1978, 1982 और 1994 में चार बार विश्व कप जीता था।वहीं स्पेन का लंबे समय बाद फाइनल में पहुंचने का सपना खिताब में नहीं बदल सका। स्पेन ने इससे पहले 1998 में भी फाइनल खेला था, लेकिन उसे तब भी उपविजेता से संतोष करना पड़ा था।
सेमीफाइनल में जर्मनी और स्पेन ने दर्ज की थी जीत
स्पेन ने सेमीफाइनल में सह-मेजबान नीदरलैंड्स को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दूसरी ओर जर्मनी ने अर्जेंटीना को 2-1 से मात देकर खिताबी मुकाबले का टिकट हासिल किया था। ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में अर्जेंटीना ने नीदरलैंड्स को 2-1 से हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया। इस बीच भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को हराकर पिछले कई दशकों का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
