Gurnoor Brar: कौन हैं गुरनूर बराड़? बिना IPL मैच खेले टीम इंडिया के टेस्ट और ODI स्क्वॉड में मारी एंट्री, कप्तान शुभमन गिल से है ये गहरा नाता
India vs Afghanistan : अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ, तो कुछ अनजाने नामों ने सबको चौंका दिया। इन नए चेहरों में सबसे ज्यादा चर्चा पंजाब के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ (Gurnoor Brar) की हो रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले दो सीजन से आईपीएल में एक भी मैच न खेलने के बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है और उन्हें सीधे टेस्ट व वनडे दोनों टीमों के मुख्य स्क्वॉड में शामिल किया है। आइए जानते हैं कि कौन हैं गुरनूर बराड़ और क्यों टीम इंडिया के सेलेक्टर्स ने उन पर इतना बड़ा दांव खेला है।
कौन हैं गुरनूर बराड़? (कद, रफ्तार और डोमेस्टिक रिकॉर्ड)
25 साल के गुरनूर बराड़ पंजाब के रहने वाले एक बेहद प्रतिभाशाली बाएं हाथ के तेज गेंदबाज (Left-arm Fast Bowler) हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी रफ्तार और उनका 6 फुट 5 इंच लंबा कद है। वह घरेलू क्रिकेट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते हैं और अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर इंडिया-ए टीम में भी जगह बना चुके हैं।
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फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड: 18 मैचों में 27 की बेहतरीन औसत से 52 विकेट।
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लिस्ट-ए (वनडे) रिकॉर्ड: 9 मैचों में 12 विकेट।
टीम इंडिया में चयन की असली वजह: 'मार्को यानसन' जैसा फैक्टर
भारतीय टेस्ट टीम में पिछले काफी समय से बाएं हाथ के एक परमानेंट तेज गेंदबाज की कमी खल रही है। जयदेव उनादकट को कुछ मौके मिले, लेकिन वह अपनी जगह पक्की नहीं कर सके। सेलेक्टर्स टीम इंडिया के बॉलिंग अटैक में विविधता (Variation) लाना चाहते थे। गुरनूर का लंबा कद उन्हें साउथ अफ्रीका के खतरनाक गेंदबाज मार्को यानसन की तरह एक्स्ट्रा बाउंस और स्विंग दिलाने में मदद करता है। यही अनोखा कॉम्बिनेशन उन्हें भारतीय पिचों और विदेशी दौरों पर बल्लेबाजों के लिए सिरदर्द बना सकता है।
फुटबॉल से क्रिकेट का सफर और शुभमन गिल का 'गॉडफादर' कनेक्शन
गुरनूर के क्रिकेटर बनने की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। शुरुआत में उनकी दिलचस्पी क्रिकेट में नहीं, बल्कि फुटबॉल और टेनिस में थी। उन्होंने 16 साल की उम्र में पहली बार क्रिकेट को गंभीरता से लिया।
इसी दौरान एक स्थानीय टूर्नामेंट में उनकी मुलाकात शुभमन गिल से हुई, जो उस समय भारत की अंडर-19 टीम के स्टार थे। गिल ने गुरनूर की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें मोहाली जिला टीम में शामिल करवाने में मदद की। यहीं से गुरनूर का पंजाब की एज-ग्रुप टीमों में आने का रास्ता साफ हुआ।
आईपीएल का सफर और गिल की बड़ी भूमिका
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पंजाब किंग्स (2023): गुरनूर पहले पंजाब किंग्स के नेट बॉलर बने, जहां उन्होंने अपनी रफ्तार से तत्कालीन कप्तान शिखर धवन को प्रभावित किया। साल 2023 में पंजाब ने उन्हें खरीदा और एक मैच खेलने का मौका दिया, हालांकि उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इसके अगले सीजन (2024) में वह चोट के कारण बाहर हो गए।
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गुजरात टाइटंस (2025-2026): चोट से उबरने के बाद शुभमन गिल के कहने पर ही वह गुजरात टाइटंस में बतौर नेट बॉलर शामिल हुए। बाद में फ्रेंचाइजी ने उन्हें अपने मुख्य स्क्वॉड में शामिल कर लिया। हालांकि पिछले दो सीजन में उन्हें गुजरात के लिए प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला, लेकिन नेट्स पर उनके प्रदर्शन ने कप्तान गिल का दिल जीत लिया।
अब जब शुभमन गिल को अफगानिस्तान सीरीज के लिए टीम इंडिया का कप्तान बनाया गया है, तो माना जा रहा है कि कप्तान की खास सिफारिश और उनकी बॉलिंग स्टाइल के कारण ही गुरनूर को सीधे नीली जर्सी पहनने का सुनहरा मौका मिला है।
